फ्री इलाज, युवाओं को ब्याज मुक्त लोन, किसानों के लिए ₹1.19 लाख करोड़ का ‘कृषि बजट’: जानें राजस्थान बजट में किस वर्ग को क्या मिला

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार (11 फरवरी 2026) को विधानसभा में राज्य का साल 2026-27 का बजट पेश किया। लगभग 3 घंटे के लंबे भाषण में उन्होंने हर वर्ग के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया। सबसे बड़ी खबर सरकारी कर्मचारियों के लिए है।

सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए हाईपावर कमेटी बनाने का ऐलान कर दिया है। इसके अलावा, अब राजस्थान के अस्पतालों में बिना किसी कागज (डॉक्यूमेंट्स) के भी फ्री इलाज मिल सकेगा। युवाओं के लिए ब्याज मुक्त लोन और किसानों के लिए अलग से भारी-भरकम ‘कृषि बजट’ इस बार की सबसे बड़ी हाईलाइट्स रहीं।

युवाओं और सरकारी नौकरियों के लिए बड़े कदम

सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू की है, जिसमें 30 हजार युवाओं को 10 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त लोन मिलेगा। नकल रोकने और भर्ती परीक्षाओं को समय पर कराने के लिए ‘राजस्थान टेस्टिंग एजेंसी’ (RTA) बनाई जाएगी। साथ ही, मेधावी छात्रों को लैपटॉप के लिए 20 हजार रुपए की मदद और कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को फ्री यूनिफॉर्म दी जाएगी।

स्वास्थ्य: ‘राज सुरक्षा’ और ‘राज ममता’ योजना

सेहत के मामले में राजस्थान अब एक कदम आगे निकल गया है। एक्सीडेंट के मरीजों को तुरंत इलाज देने के लिए ‘राज सुरक्षा’ योजना आएगी और हाईवे पर एंबुलेंस तैनात रहेंगी। मानसिक स्वास्थ्य के लिए ‘राज ममता’ प्रोग्राम शुरू होगा। जयपुर के जेके लोन अस्पताल में 75 करोड़ से नया आईपीडी टावर बनेगा और अस्पतालों में मौत होने पर पार्थिव देह को घर तक मुफ्त पहुँचाने के लिए ‘मोक्षवाहिनी योजना’ शुरू होगी।

किसानों और पशुपालकों के लिए बड़ी सौगातें

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने प्रदेश के किसानों के लिए 1.19 लाख करोड़ रुपए का एक विशाल कृषि बजट पेश किया है, जिसमें खेती और पशुपालन को नई मजबूती देने के लिए कई बड़े प्रावधान किए गए हैं। इस बजट के तहत राज्य के 35 लाख किसानों को बड़ी राहत देते हुए 25 हजार करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त फसली कर्ज देने का लक्ष्य रखा गया है।

साथ ही, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए 5 लाख पशुपालकों को दूध बोनस के रूप में 700 करोड़ रुपए का अनुदान दिया जाएगा। सिंचाई और पेयजल की समस्या को हल करने के लिए शेखावाटी क्षेत्र तक 32 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली यमुना जल परियोजना को जल्द शुरू करने का ऐलान हुआ है। इसके अलावा, पर्यावरण सुरक्षा और बिजली की बचत के लिए अगले साल प्रदेशभर के खेतों में 50 हजार सोलर पंप लगाए जाने की योजना है।

महिलाओं के लिए ‘लखपति दीदी’ और ‘राजसखी स्टोर’

महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने के लिए लखपति दीदी योजना में कर्ज की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख कर दी गई है। स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए लोन लिमिट अब 1 करोड़ रुपए होगी। संभागीय मुख्यालयों पर राजसखी स्टोर खुलेंगे, जहाँ महिलाएँ अपना सामान बेच सकेंगी। साथ ही, आँगनबाड़ियों को ‘नंदघर’ के रूप में अपग्रेड किया जाएगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर: सिग्नल फ्री शहर और नए एयरपोर्ट

जयपुर और जोधपुर जैसे सभी संभाग मुख्यालयों को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए ‘सिग्नल फ्री’ बनाने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है। कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सरकार 1800 करोड़ रुपए के निवेश से राज्यभर में नई सड़कें और ब्रिज का निर्माण करेगी, जबकि वायु सेवा विस्तार के लिए सीकर, झुंझुनूं, डीग और भरतपुर जैसे शहरों में नए एयरपोर्ट की संभावनाओं का सर्वे किया जाएगा।

इसके साथ ही, पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 250 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन और 60 सीएनजी स्टेशन खोलने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे शहरी परिवहन में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

पर्यावरण और अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएँ

पर्यावरण को बचाने के लिए अगले साल 10 करोड़ पौधे लगाए जाएँगे। अरावली क्षेत्र के सुधार के लिए 4000 हेक्टेयर में काम होगा। इसके अलावा, जलदाय विभाग में 3000 नए पदों पर भर्ती होगी और 6500 गाँवों को ‘हर घर नल’ योजना से जोड़ा जाएगा।