राजस्थान के वॉलीबॉल खिलाड़ी की फरीदाबाद में बेरहमी से हत्या, लव अफेयर में 3 दिन बंधक बनाकर पीटा: पसली टूटकर फेफड़ों में घुसी, 15 पर केस

राजस्थान के भिवाड़ी के रहने वाले 21 वर्षीय स्टेट लेवल वॉलीबॉल खिलाड़ी मोनू की फरीदाबाद में संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। मोनू 17 मई को एक पुलिस केस के सिलसिले में बयान दर्ज कराने फरीदाबाद के तिगांव थाने गया था। आरोप है कि रास्ते में ही लड़की के घरवालों ने उसे किडनैप कर लिया।

मोनू को तीन दिनों तक खेतों में बने एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया। अधमरी हालत में उसे सड़क किनारे फेंक दिया गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। फरीदाबाद पुलिस ने इस मामले में 3 महिलाओं समेत 15 लोगों के खिलाफ हत्या और अपहरण का केस दर्ज किया है।

मामा के घर आने-जाने से शुरू हुई थी लव स्टोरी

मोनू भिवाड़ी के सैदपुर गाँव का रहने वाला था। वह वॉलीबॉल और कबड्डी का बेहतरीन खिलाड़ी था और स्टेट लेवल पर कई मेडल जीत चुका था। करीब 8 महीने पहले उसकी दोस्ती फरीदाबाद की रहने वाली एक नाबालिग लड़की से हुई थी।

लड़की का मामा मोनू के ही गाँव में रहता था, इसलिए उसका वहाँ आना-जाना था। धीरे-धीरे दोनों में प्यार हो गया। हालाँकि, रिश्ते में दोनों भाई-बहन लगते थे, इसलिए लड़की के घरवालों को यह रिश्ता बिल्कुल मंजूर नहीं था।

लड़की के लापता होने पर मोनू पर दर्ज हुआ था केस

इसी साल अप्रैल में लड़की अचानक बिना बताए घर छोड़कर चली गई थी। लड़की के परिवार ने इसका जिम्मेदार मोनू को बताया और तिगांव थाने में उसके खिलाफ अपहरण का केस दर्ज करा दिया।

हालाँकि, दो दिन बाद ही लड़की दिल्ली के लाल किले के पास मिल गई थी। मोनू के परिजनों का दावा है कि उन्होंने खुद लड़की को ढूँढकर उसके परिवार के हवाले किया था, फिर भी लड़की के मन में रंजिश बनी रही।

थाने जाने के बहाने बुलाकर किया किडनैप

मोनू के चाचा नरेंद्र ने बताया कि 17 मई की सुबह करीब साढ़े दस बजे मोनू अपनी बाइक से तिगांव थाने में जांच में शामिल होने के लिए निकला था। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे वह फरीदाबाद पहुँच गया।

आरोप है कि जैसे ही वह वहाँ पहुँचा, लड़की के पिता और रिश्तेदारों ने उसे रास्ते में ही दबोच लिया। वे उसे जबरन अपने खेतों पर ले गए और तीन दिनों तक बंधक बनाकर लाठी-डंडों से पीटते रहे। जब मोनू अधमरा हो गया, तो आरोपित उसे सड़क किनारे फेंककर भाग गए और खुद ही पुलिस को फोन कर दिया।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में रोंगटे खड़े करने वाले खुलासे

मोनू की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला है कि उसके साथ किस कदर हैवानियत की गई थी। ज्यादा पिटाई की वजह से उसके सिर और नाक की हड्डियाँ टूट चुकी थीं। उसकी पसलियाँ टूटकर फेफड़ों के अंदर घुस गई थीं।

उसके हाथ-पैर और शरीर के बाकी हिस्सों पर गहरे और गंभीर जख्म मिले हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक मारपीट और अंदरूनी चोटों के कारण ही मोनू ने दम तोड़ा। मोनू अपने घर का सबसे बड़ा बेटा था और उसके दो छोटे भाई अभी पढ़ाई कर रहे हैं।

उसकी मौत की खबर से सैदपुर गाँव में मातम फैल गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि मोनू सिर्फ पुलिस की मदद करने गया था, लेकिन उसे साजिश रचकर मार डाला गया। फरीदाबाद पुलिस अब केस दर्ज कर सभी 15 आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।