राजस्थान के मदरसे में छात्राओं से कराई जा रही थी सेप्टिक टैंक की सफाई, उसी में गिर गई 13 लड़कियाँ: जहरीली गैस से 1 की मौत-12 की हालत गंभीर

राजस्थान के डीग जिले के गोपालगढ़ क्षेत्र स्थित एक मदरसे में शुक्रवार (17 जुलाई 2026) की शाम बड़ा हादसा हो गया। मदरसा परिसर में बने सेप्टिक टैंक की सफाई छात्राओं से कराई जा रही थी, तभी अचानक 13 छात्राएँ टैंक के भीतर गिर गई। इस घटना में हरियाणा के नूहँ जिले के साकरस गाँव की रहने वाली 17 वर्षीय छात्रा रोहिन की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य छात्राएँ घायल हो गईं।

सभी घायलों का इलाज चल रहा है और प्रशासन के अनुसार, उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू कर दी है और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

टैंक की सफाई के दौरान बिगड़े हालात, जहरीली गैस बनी हादसे की वजह

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मदरसा परिसर में स्थित सेप्टिक टैंक का एक हिस्सा कुछ दिन पहले क्षतिग्रस्त हो गया था। अधिकांश सफाई मशीनों से कराई जा चुकी थी, लेकिन टैंक में कुछ मलबा बाकी रह गया था। शुक्रवार (17 जुलाई 2026) की शाम कुछ छात्राओं ने स्वयं ही बचा हुआ मलबा हटाने का प्रयास किया और टैंक में उतर गईं।

पुलिस एसपी शरण कांबले ने बताया कि मदरसे में साफ-सफाई का काम चल रहा था। छात्राएँ खुद टैंक के अंदर उतरकर काम कर रही थीं, जबकि कुछ छात्राएँ टैंक के ऊपर खड़ी थीं। इसी दौरान अचानक सीढ़ियाँ टूट गईं, जिससे ऊपर और नीचे मौजूद सभी छात्राएँ गहरे टैंक में जा गिरीं और अंदर मौजूद जहरीली गैस की चपेट में आने से वे बेहोश हो गई।

इस दौरान उत्तर प्रदेश निवासी तारिफ नामक युवक भी छात्राओं को बचाने के लिए टैंक में उतरा, लेकिन वह भी बेहोश हो गया। मदरसा कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुँचाया। गंभीर रूप से प्रभावित छात्राओं को बेहतर इलाज के लिए अलवर रेफर किया गया।

प्रशासन ने शुरू की जाँच, दोषियों पर होगी कार्रवाई

हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर मयंक मनीष और पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ कांबले भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस का कहना है कि छात्राओं से इस तरह का जोखिम भरा काम कराना गंभीर लापरवाही का मामला है। जाँच में जो भी व्यक्ति जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मदरसे के मौलवी अरशद ने बताया कि टैंक की अधिकांश सफाई पहले ही मशीनों से कराई जा चुकी थी और केवल थोड़ा मलबा हटाया जाना बाकी था। मदरसे में लगभग 3,500 विद्यार्थी तालीम लेते हैं, जिनमें करीब 1,500 छात्राएँ और 2,000 छात्र शामिल हैं। प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जाँच कर रहा है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।