नई दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के चौथे दिन गुरुवार (19 फरवरी 2026) को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने AI की दुनिया में प्रतिस्पर्धा को सार्वजनिक मंच पर उजागर कर दिया। समेट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच पर मौजूद दुनिया के सभी टेक लीडर्स से एकजुटता दिखाने के लिए एक-दूसरे का हाथ पकड़कर ऊपर उठाने का अनुरोध किया।
सबने हाथ उठाया भी, सिर्फ OpenAI के सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक (Anthropic) के डारिया अमोदेई को छोड़कर। दोनों ने एक-दूसरे का हाथ नहीं थामा। दोनों ने अपनी-अपनी मुट्ठियाँ बंद रखीं और साथ में हाथ उठाने से परहेज किया। यह पल सबसे अलग नजर आया और कैमरों में कैद हुआ तो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
#WATCH | Delhi | Prime Minister Narendra Modi, along with global tech leaders including the CEO of Google and Alphabet, Sundar Pichai, CEO of OpenAI, Sam Altman, Alexandr Wang, Chief AI Officer of Meta, CEO of Anthropic, Dario Amodei pose for a group photograph at the India AI… pic.twitter.com/GccXlG9rRx
— ANI (@ANI) February 19, 2026
बता दें कि सैम ऑल्टमैन की कंपनी OpenAI और डारियो अमोदेई की कंपनी एंथ्रोपिक आज AI की दुनिया में दो प्रमुख और प्रतिस्पर्धा कंपनियाँ हैं। दोनों ही उन्नत AI मॉडल विकसित कर रही हैं और विश्व स्तर पर निवेश, प्रतिभा और बाजार हिस्सेदारी को लेकर सीधी टक्कर में है।
सैम ऑल्टमैन और डारिया अमोदेई के बीच पुराना टकराव
अब समिट से सामने आई तस्वीर को दोनों टेक दिग्गजों के बीच लंबे समय से चले आ रहे टकराव से जोड़कर देखा जा रहा है, जो काफी पुराना है। एक समय में डारिया अमोदेई सैम ऑल्टमैन की कंपनी OpenAI के उपाध्यक्ष रहा करते थे। लेकिन 2021 में अमोदेई ने अपनी बहन के साथ मिलकर ‘एंथ्रोपिक’ कंपनी खड़ी की।
साल 2023 में फॉर्च्यून पत्रिका को दिए एक इंटरव्यू में अमोदेई ने OpenAI छोड़ने पर बात की थी। उन्होंने कहा था, “मैंने OpenAI इसलिए छोड़ा क्योंकि कंपनी की दिशा को लेकर मेरे विचार अलग थे। सिर्फ AI मॉडल को बड़ा बनाना ही काफी नहीं है। मॉडल को सही दिशा और सुरक्षित तरीके से विकसित करना भी जरूरी है। आप केवल ज्यादा कंप्यूटिंक पावर देकर यह तय नहीं कर सकते कि मॉडल किन मूल्यों पर काम करेगा। इसले लिए एलाइनमेंट और सुरक्षा पर अलग से ध्यान देना पड़ता है।”
एंथ्रोपिक ने विज्ञापन के जरिए OpenAI पर साधा था निशाना
फरवरी 2026 की शुरुआत में यह टकराव फिर खुलकर सामने आया, जब अमेरिका के ‘सुपर बाउल’ के दौरान एंथ्रोपिक ने एक विज्ञापन अभियान चलाया, जिसे कई लोगों ने OpenAI पर तंज के रूप में देखा। माना गया कि यह विज्ञापन ChatGPT में विज्ञापन जोड़ने के OpenAI के फैसले पर कटाक्ष था।
Ads are coming to AI. But not to Claude. Keep thinking. pic.twitter.com/n2yECeBWyT
— Claude (@claudeai) February 4, 2026
सैम ऑल्टमैन, जो तकनीक को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाने की बात करते हैं, इस टिप्पणी से खुश नहीं दिखे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर जवाब देते हुए लिखा, “एंथ्रोपिक महँगा उत्पाद अमीर लोगों को बेचती है। हमें खुशी है कि वे ऐसा करते हैं, हम भी करते हैं, लेकिन हम यह भी मानते हैं कि AI उन अरबों लोगों तक पहुँचाना चाहिए जो सब्सक्रिप्शन फीस नहीं दे सकते।”
First, the good part of the Anthropic ads: they are funny, and I laughed.
— Sam Altman (@sama) February 4, 2026
But I wonder why Anthropic would go for something so clearly dishonest. Our most important principle for ads says that we won’t do exactly this; we would obviously never run ads in the way Anthropic…
OpenAI का तर्क है कि अगर AI को हर घर तक सस्ती कीमत पर पहुँचाना है, तो उसके उत्पादों का आक्रामक व्यावसायीकरण करना होगा और विज्ञापनों से पर्याप्त राजस्व जुटाना जरूरी है। कंपनी का कहना है कि यही मॉडल उसे लंबे समय तक अपनी सेवाएँ व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने में मदद करेगा। वहीं एंथ्रोपिक अपेक्षाकृत प्रीमियम मॉडल और नियंत्रित विस्तार पर जोर देती रही है। इस तरह दोनों कंपनियों के बीच विचारधारा का फर्क साफ दिखाई देता है।

