सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (23 मार्च 2026) को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि आरक्षित वर्ग के वे उम्मीदवार जिन्हें क्वालिफाइंग परीक्षा में छूट मिली है वे भी सामान्य वर्ग की नौकरी के लिए पात्र हो सकते हैं। कोर्ट ने कहा है कि इसके लिए जरूरी है कि अंतिम मेरिट सूची में उनका प्रदर्शन बेहतर हो और भर्ती नियम इस तरह के ‘माइग्रेशन’ (श्रेणी बदलने) पर रोक न लगाते हों।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें इस लाभ से इनकार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि क्वालिफाइंग परीक्षा में मिले अंकों की छूट केवल पात्रता तय करने तक सीमित होती है और इसका अंतिम चयन की मेरिट पर कोई असर नहीं पड़ता।
यह मामला महाराष्ट्र में शिक्षक भर्ती से जुड़ा है। भर्ती प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों को पहले टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होता था और उसके बाद टीचर्स एप्टीट्यूड एंड इंटेलिजेंस टेस्ट (TAIT) देना होता था जिसके आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाती थी। इस प्रक्रिया में सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए TET में 60% अंक जरूरी थे जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 55% अंकों के साथ पास होने की छूट दी गई थी।
विवाद तब पैदा हुआ जब कुछ आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार जिन्होंने TET में छूट के साथ पास किया था और उन्होंने TAIT में सामान्य श्रेणी के कई उम्मीदवारों से ज्यादा अंक हासिल कर लिए। इसके बावजूद उन्हें सामान्य श्रेणी की मेरिट सूची में शामिल नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संबंधित भर्ती नियमों में ऐसे माइग्रेशन पर कोई रोक नहीं थी। ऐसे में जो उम्मीदवार मेरिट में बेहतर हैं उन्हें सामान्य श्रेणी में आने से रोका नहीं जा सकता।
कोर्ट ने अपने फैसले में पहले के कुछ निर्णयों का भी हवाला दिया और स्पष्ट किया कि इस तरह का माइग्रेशन पूरी तरह भर्ती नियमों पर निर्भर करता है। अगर नियम इसकी अनुमति देते हैं या इस पर चुप हैं, तो माइग्रेशन मान्य होगा। साथ ही कोर्ट ने इस मामले को उन पुराने मामलों से अलग बताया जहाँ उम्मीदवार मूल पात्रता शर्तों को ही पूरा नहीं कर पाए थे। यहाँ उम्मीदवार वैध छूट के तहत पूरी तरह पात्र थे।
अंत में सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे उम्मीदवारों को मेरिट सूची में शामिल किया जाए जिन्होंने सामान्य श्रेणी के आखिरी चयनित उम्मीदवार से ज्यादा अंक हासिल किए हैं।

