पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और मर्डर केस में बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार (15 मई 2026) को नवान्न सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कोलकाता पुलिस के तत्कालीन आयुक्त विनीत गोयल, DCP अभिषेक गुप्ता और DCP इंदिरा मुखर्जी को निलंबित करने की घोषणा की।
तीनों अधिकारियों पर मामले को गलत तरीके से संभालने, पीड़िता के परिवार पर दबाव बनाने और बिना लिखित अनुमति प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। सरकार ने इनके खिलाफ विभागीय जाँच शुरू करने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उनकी सरकार महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।
गौरतलब है कि 9 अगस्त 2024 को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार हॉल में एक जूनियर डॉक्टर का शव मिला था। मामले में नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया था और बाद में जाँच CBI को सौंप दी गई थी। कोर्ट ने जनवरी 2025 में संजय रॉय को उम्रकैद की सजा सुनाई।
हालाँकि पीड़िता के परिवार ने लगातार दावा किया था कि इस अपराध में एक से अधिक लोग शामिल थे। इस घटना को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हुए थे और बंगाल विधानसभा चुनाव में भी यह बड़ा मुद्दा बना। पीड़िता की माँ रत्ना देबनाथ ने भाजपा के टिकट पर पानीहाटी सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।

