भाजपा ने बिहार चुनाव में NDA की बड़ी जीत के एक दिन बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरा से पूर्व सांसद आर के सिंह को पार्टी-विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निलंबित कर दिया। निलंबन के कुछ ही समय बाद उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल इस्तीफा दे दिया।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA की भारी जीत के ठीक अगले दिन भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता आर के सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया।
निलंबन का कारण पार्टी-विरोधी गतिविधियाँ बताया गया। शनिवार (15 नवंबर 2025) को निलंबन पत्र मिलने के कुछ ही समय बाद आर के सिंह ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी।
आर के सिंह, जो आरा से भाजपा के पूर्व सांसद रहे हैं, पिछले कई महीनों से पार्टी नेतृत्व और NDA सरकार पर तीखी आलोचना कर रहे थे। उन्होंने खासकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे।
इनमें बिहार के एक पावर प्लांट की कमीशनिंग में बड़े घोटाले के आरोप शामिल थे, जिसने चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक हलचल तेज कर दी थी। उस समय भाजपा ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी ने निर्णायक कदम उठाया।
मैंने पार्टी को अपना त्यागपत्र भेज दिया है। मेरे द्वारा प्रदेश कार्यालय को भेजे गए पत्र तथा माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा को भेजा गया त्यागपत्र सलंग्न है। pic.twitter.com/jmP8Qw17JA
— R. K. Singh (@RajKSinghIndia) November 15, 2025
नड्डा को लिखे पत्र में आर के सिंह ने कहा कि उन्हें निलंबित करने के फैसले की जानकारी मीडिया के जरिए मिली और पत्र में यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि वे कौन-सी पार्टी-विरोधी गतिविधियाँ थीं।
उन्होंने कहा कि उनका बयान केवल अपराधी पृष्ठभूमि वाले लोगों को टिकट दिए जाने के खिलाफ था, जिसे वे पार्टी-विरोधी नहीं मानते। अंत में उन्होंने स्पष्ट कहा वे भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।

