दो दिन पहले इसे समाजवादी पार्टी ने खाली कर दिया था। नगर पालिका ने अवैध करार देते हुए इसे खाली करने का नोटिस भेजा था। आवंटन निरस्त किए जाने के बावजूद समाजवादी पार्टी का कार्यालय वहाँ चल रहा था। इस पर नया नोटिस 8 जून 2026 को नगर निगम की तरफ से जारी कर 15 दिनों के भीतर खाली करने का आदेश दिया गया था।
दरअसल 21 साल पहले तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने नियमों को ताक पर रखकर सरकारी भूमि पर समाजवादी पार्टी कार्यालय संचालन के लिए आवंटित कर दिया था। इसका किराया मात्र 100 रुपए सालाना था। इसके आवंटन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई थी। इसको देखते हुए नगर पालिका ने आवंटन को रद्द कर इसे खाली करने का नोटिस समाजवादी पार्टी को दिया था।

