सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार (27 नवंबर 2025) को समय रैना और अन्य कॉमेडियनों के खिलाफ दिव्यांग व्यक्तियों का मजाक उड़ाने के मामले में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि दिव्यांगजन किसी के पैसे नहीं, बल्कि सम्मान और गरिमा की माँग करते हैं।
कोर्ट ने रैना को सुझाव दिया कि वे स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित लोगों के साथ मिलकर जागरूकता बढ़ाने वाले शो आयोजित करें और उनकी उपलब्धियों को मंच पर जगह दें। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, “वे आपका पैसा नहीं चाहते, उन्हें गरिमा और सम्मान चाहिए। अपने मंच का उपयोग उनकी उपलब्धियों को दिखाने के लिए करें।
कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी पूछा कि दिव्यांगों की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले बयानों पर SC/ST एक्ट जैसी कठोर सजा क्यों न लागू की जाए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कोर्ट की बात से सहमति जताई।
मामला उस वीडियो से जुड़ा है जिसमें रैना ने एक SMA से पीड़ित नेत्रहीन नवजात शिशु और उसके इलाज से जुड़ी लागत पर टिप्पणी की थी। एक NGO ने इस पर आपत्ति जताते हुए याचिका दायर की थी।
कोर्ट ने निर्देश दिया है कि रैना और अन्य कलाकार महीने में दो बार दिव्यांगजनों के लिए कार्यक्रम आयोजित करें और अगली सुनवाई से पहले कम से कम दो ऐसे शो करे। कोर्ट अब मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद करेगी।

