मध्य प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला केस को लेकर शुक्रवार (15 मई 2026) को इंदौर हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले सुनाने से पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे धार जिले में धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत 5 जून तक पाँच या उससे अधिक लोगों के सार्वजनिक रूप से एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। शहर के संवेदनशील इलाकों, भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
#WATCH मध्य प्रदेश: धार में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं, क्योंकि इंदौर हाई कोर्ट की एक डिवीज़न बेंच से आज भोजशाला-कमल मौला परिसर से जुड़े विवादित मामले में अपना फैसला सुनाने की उम्मीद है। 12 मई को इंदौर हाई कोर्ट ने इस मामले पर अपनी अंतिम सुनवाई पूरी की थी और अपना फैसला… pic.twitter.com/TeyJkOk7b2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 15, 2026
इसके साथ ही पड़ोसी जिलों से अतिरिक्त सुरक्षा बल भी बुलाए गए हैं। प्रशासन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रख रहा है और अफवाह फैलाने, भड़काऊ पोस्ट करने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कलेक्टर राजीव रंजन मीणा ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी भ्रामक जानकारी पर ध्यान न देने की अपील की है।
वर्षों पुराना है भोजशाला विवाद
भोजशाला जो कि माता सरस्वती का मंदिर माना जाता है, लंबे समय से कानूनी, ऐतिहासिक और धार्मिक बहस का केंद्र बना हुआ है। 2022 में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से रंजना अग्निहोत्री समेत अन्य याचिकाकर्ताओं ने इंदौर हाई कोर्ट में याचिका दायर कर भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को निर्धारित करने और हिंदू पक्ष को पूर्ण पूजा अधिकार देने की माँग की थी।
इसके बाद हाई कोर्ट के निर्देश पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने वर्ष 2024 में करीब 98 दिनों तक वैज्ञानिक सर्वे किया और अपनी रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की। मामले में पाँच याचिकाओं, एक अपील और तीन इंटरवेंशन आवेदनों पर विस्तृत सुनवाई हुई।
6 अप्रैल 2026 से शुरू हुई नियमित सुनवाई 12 मई तक चली, जिसके बाद हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब आज आने वाले फैसले पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है। मामले की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और अधिवक्ता विनय जोशी ने भी लोगों से अदालत के फैसले का सम्मान करने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

