‘सनातनियों से रहो दूर, RSS से जुड़ने से बचो’: कर्नाटक CM सिद्धारमैया ने जगजाहिर की अपनी घृणा; पहले बेटे ने कहा था- संघ की मानसिकता तालिबान जैसी

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार (18 अक्टूबर 2025) को एक मंच पर बोलते हुए सनातनियों के प्रति अपनी घृणा जाहिर की। मैसूर यूनिवर्सिटी के रजत जयंती समारोह के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि लोगों को RSS और संघ परिवार से दूर रहना चाहिए।

इस कार्यक्रम में सिद्धारमैया बोले- “अपनी संगति सही रखिए। समाज के भले के लिए काम करने वालों के साथ रहना चाहिए, न कि उन सनातनियों के साथ जो सामाजिक बदलाव का विरोध करते हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि संघ वाले अब भी अंबेडकर के संविधान का विरोध करते हैं और लोगों को गुमराह कर रहे हैं। आगे उन्होंने संघ पर झूठ फैलाने का इल्जाम भी लगाया।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की घटना का हवाला देते हुए कहा कि यह घटना समाज में अभी भी कट्टरपंथी तत्वों की मौजूदगी को दर्शाती है, और इसकी निंदा पूरे समाज को करनी चाहिए।

सिद्धारमैया ने सनातनियों और RSS के प्रति अपनी नफरत जाहिर करने के बाद इस पर सफाई देने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, विशेषकर शैक्षणिक संस्थानों में किसी भी संगठन की गतिविधियों पर रोक का आदेश केवल RSS तक सीमित नहीं है। यह आदेश 2013 में भाजपा सरकार के समय ही जारी हुआ था और वर्तमान सरकार ने केवल उसे आगे बढ़ाया है।

बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने भी RSS पर जहर उगला था। उन्होंने संघ की मानसिकता को तालिबान जैसी बताया था। यतींद्र ने कहा था कि RSS हिंदू धर्म को उसी तरह लागू करना चाहता है जिस तरह तालिबान इस्लाम के सिद्धांतों को थोपने के लिए आदेश जारी करता है।