जानें कौन है शेखर ज्योति गोस्वामी, जिसे जुबीन गर्ग की मौत मामले में पुलिस ने लिया हिरासत में: फैन्स की माँग- मैनेजर भी हो गिरफ्तार

प्रसिद्ध असमिया गायक जुबीन गर्ग की मौत की जाँच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जुबीन के साथ काम करने वाले म्यूजिशियन शेखर ज्योति गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया है। वह जुबीन के साथ उस याच ट्रिप पर मौजूद थे, जो इस हादसे से जुड़ा माना जा रहा है। हालाँकि, अभी तक उन पर लगाए गए आरोपों की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

कौन हैं शेखर ज्योति गोस्वामी?

शेखर ज्योति गोस्वामी एक जाने-माने म्यूजिशियन हैं। वे जुबीन गर्ग के बैंड में ड्रमर थे और उनके साथ लंबे समय तक काम किया था। वे जुबीन के साथ उस याच ट्रिप पर भी थे, जब जुबीन की मौत हुई थी। शेखर ज्योति गोस्वामी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। हालाँकि, पुलिस ने अभी तक यह नहीं बताया है कि उन्हें क्यों पकड़ा गया है।

दूसरी तरफ, श्यामकानु महांता और सिद्धार्थ शर्मा की गिरफ्तारी की माँग बढ़ रही है। पुलिस जब उनके घर पर छापा मारने गई तो वे दोनों नहीं मिले। खबरों के मुताबिक, जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा के घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। जब पुलिस की टीम उन्हें घर ले जा रही थी, तो भीड़ ने उन पर पत्थर फेंके। लोगों ने माँग की कि शर्मा को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। लोगों का कहना है कि जुबीन की मौत के लिए वही जिम्मेदार हैं। इस दौरान पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उन पर भीड़ को भड़काने और हंगामा करने का आरोप है।

छापेमारी और पूछताछ का सिलसिला

जुबीन की मौत के बाद असम सरकार ने 10 सदस्यों की SIT बनाई थी। इस टीम की अगुवाई स्पेशल DGP एमपी गुप्ता कर रहे हैं। SIT ने जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा के घर पर भी छापा मारा है। यह छापेमारी गुवाहाटी के डाटालपारा इलाके में हुई। पुलिस ने उनके घर से लैपटॉप और जरूरी कागजात भी जब्त किए हैं।

वहीं, एक और व्यक्ति श्यामकानु महांता भी SIT के रडार पर हैं। वह एक एंटरप्रेन्योर और कल्चरल एक्टिविस्ट हैं। खबर है कि श्यामकानु महांता ने CID से संपर्क कर खुद ही सरेंडर करने की इच्छा जताई है। सिंगापुर असम एसोसिएशन के कुछ सदस्यों से भी पूछताछ हो सकती है। SIT का मानना है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

जुबीन गर्ग की मौत कैसे हुई?

जुबीन गर्ग की मौ 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर के लाजारस आइलैंड पर हुई थी। शुरुआत में कहा गया था कि उनकी मौत स्कूबा डाइविंग के दौरान हुई, लेकिन उनकी पत्नी गरीमा सैकिया गर्ग ने बताया कि जुबीन को तैरते समय दौरा पड़ा था। असम सरकार का कहना है कि अगर SIT की जाँच से लोग संतुष्ट नहीं हुए तो जाँच सीबीआई को सौंपी जा सकती है।