उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु समेत 12 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेश में 4 नवंबर 2025 से वोटर वैरिफिकेशन अभियान की शुरुआत हो रही है। इस बीच एसआईआर के खिलाफ डीएमके ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
बंगाल की टीएमसी सरकार की मुखिया ममता बनर्जी ने एसआईआर के विरोध में मार्च निकालने की घोषणा की है। टीएमसी विधायक ने बीएलओ की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया है।
तमिलनाडु के सीएम और डीएमके नेता एम. के. स्टालिन का कहना है कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया का मकसद वोटरों को हटाना है। खास कर वैसे वोटर जो बीजेपी का विरोध करने वाले माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले राज्यों में इन वोटरों को हटाने की साजिश रची जा रही है।
वहीं एसआईआर शुरू होने से पहले घुसपैठियों में दहशत का माहौल है। बंगाल में भारत- बांग्लादेश बॉर्डर पार कर भागने के फिराक में पिछले 4 दिनों में करीब 400 घुसपैठिए धरे गए हैं। भारत- बांग्लादेश बॉर्डर से पिछले 3 महीने में 8000 से ज्यादा बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार किए गए हैं।

