रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) और भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने भारत में रूस के प्रसिद्ध सुपरजेट 100 (SJ-100) बनाने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ऐतिहासिक करार 28–31 जनवरी तक चलने वाली विंग्स इंडिया 2026 अंतरराष्ट्रीय विमानन प्रदर्शनी के पहले दिन हैदराबाद में किया गया।
समझौते पर UAC के जनरल डायरेक्टर वादिम बाडेहा और HAL के चेयरमैन डॉ डी के सुनील ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर रूस के उद्योग और व्यापार उप मंत्री गेनाडी अब्रामेंकोव, भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव, ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव आंद्रेई सोबोलेव और रोसावियात्सिया के सर्टिफिकेशन प्रमुख दिमित्री कोपिसोव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह करार अक्टूबर में मॉस्को में हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का अगला चरण है।

समझौते के तहत HAL, भारत में SJ-100 के टाइप सर्टिफिकेट के प्रमाणन और वैधता प्रक्रिया में UAC की मदद करेगा। बदले में HAL को विमान, उसके कल-पुर्जों, स्पेयर पार्ट्स और रखरखाव से जुड़े उपकरणों के निर्माण, बिक्री और सर्विस का लाइसेंस मिलेगा।
वहीं, रूस की सरकारी कंपनी रोस्टेक के अधीन UAC, HAL को डिजाइन सपोर्ट, तकनीकी सलाह और विशेषज्ञ सेवाएँ प्रदान करेगी, ताकि भारत में SJ-100 के उत्पादन और असेंबली के लिए आवश्यक ढाँचा तैयार किया जा सके।
SJ-100, मूल सुपरजेट का नया और पूर्ण रूप से इंपोर्ट-सब्स्टीट्यूटेड संस्करण है, जिसमें अब पूरी तरह रूसी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें फ्रांसीसी-रूसी SaM146 इंजन की जगह स्वदेशी PD-8 इंजन लगाया गया है।
यह बदलाव पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के चलते किया गया। विमान की क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए इसके दो प्रोटोटाइप 10 देशों के हवाई क्षेत्र से होकर उड़ान भरते हुए हैदराबाद पहुँचे, जिससे इसकी लंबी दूरी की उड़ान क्षमता और विश्वसनीयता साबित हुई।
भारत के लिए यह साझेदारी UDAN योजना के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य किफायती हवाई यात्रा को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय हवाई अड्डों का विस्तार करना है। भारत में स्थानीय उत्पादन से SJ-100 को दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों में नई संभावनाएँ मिल सकती हैं, साथ ही निर्यात और तकनीकी ट्रांसफर करने को भी बढ़ावा मिलेगा।
हालाँकि, इस परियोजना के सामने चुनौतियाँ भी हैं, SJ-100 के प्रमाणन में देरी, रूस में स्थिर सीरियल प्रोडक्शन की कमी और HAL का वाणिज्यिक यात्री विमान निर्माण में सीमित अनुभव। इसके अलावा, यह पहल एमबरेर और अडानी समूह की E-Jet विमान परियोजना उत्पादन साझेदारी जैसी दूसरी प्रतियोगी योजनाओं से भी टकरा सकती है।
India HAL UAC joint venture Sukhoi Superjet 100 local production

