अब नहीं चाहिए धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, अनशन भी खत्म कर देंगे सोनम वांगचुक: जानिए कौन सी 3 शर्तें रखी, CJP के संसद मार्च से पहले सुरक्षा सख्त-कई मेट्रो स्टेशन बंद

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक अब किसी तरह अपनी गर्दन बचाने में लग गए हैं। पहले जहाँ वह कह रहे थे कि वह तभी अनशन खत्म करेंगे जब इस्तीफा मिलेगा वहीं अब 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च से एक दिन पहले पहले खबर आई कि उन्होंने सफदरजंग अस्पताल से हस्तलिखित संदेश जारी कर अपनी नई माँगों के बारे में बताया है।

अपने संदेश में उन्होंने बताया कि वह 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर देंगे लेकिन इसके लिए उनकी तीन शर्तें हैं।

सोनम वांगचुक की तीन शर्तें

अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि उनके समर्थक लगातार यह जानना चाह रहे हैं कि वह अपना अनशन कब समाप्त करेंगे। उन्होंने पहले बिंदु में लिखा कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल के समय में सामने आई खामियों, विशेष रूप से पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करती है, तो वह 20 जुलाई को अपना अनशन समाप्त कर देंगे।

उन्होंने दूसरी शर्त में कहा कि यदि वह और उनके आंदोलन का नेतृत्व संसद तक पहुँचता है और वहाँ विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और नेता यह भरोसा देते हैं कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाया जाएगा, तो भी वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।

वांगचुक ने तीसरी शर्त में कहा कि यदि उनकी स्वास्थ्य स्थिति या अन्य परिस्थितियाँ उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं देतीं, तो विभिन्न दलों के सांसद और नेता सफदरजंग अस्पताल पहुँचकर उन्हें यह आश्वासन दें कि उनकी मांगों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाया जाएगा। ऐसी स्थिति में भी वह अपना अनशन समाप्त कर देंगे।

अपने संदेश के अंत में वांगचुक ने लिखा कि यह पत्र उन्होंने 19 जुलाई को सफदरजंग अस्पताल से लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें ‘अवैध हिरासत’ में रखा गया है और उनकी आवाजाही, बोलने तथा संवाद करने की स्वतंत्रता सीमित कर दी गई है।

दिल्ली पुलिस ने नहीं दी संसद चलो मार्च की अनुमति

बता दें कि 20 जुलाई को सीजेपी और उनके समर्थकों का 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च करने का प्लान है। लेकिन, नई दिल्ली पुलिस ने यह साफ किया है कि उनकी ओर से ऐसे किसी प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में डीएमआरसी ने भी सुरक्षा लिहाज से जनपत, राजीव चौक, पटेक चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ जैसे मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया है।

पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली में BNS की धारा 163 लागू की है जिसके तहत बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी और न ही 5 लोगों के एक साथ इकट्ठा होने को कहा जाएगा।

यह भी मालूम हो कि 20 जुलाई से संसद सत्र शुरू होना है, इसलिए जन सुरक्षा, संरक्षित व्यक्तियों की सुरक्षा और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस ने कहा है कि इन निषेधाज्ञाओं का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर धारा 223 बीएनएसएस और कानून के अन्य लागू प्रावधानों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।