सोनिया गाँधी से जुड़े दशकों पुराने वोटर लिस्ट विवाद में दिल्ली की विशेष अदालत ने शनिवार (18 अप्रैल 2026) को अहम आदेश दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को एक हफ्ते के भीतर अपनी बात लिखित में पेश करने को कहा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 मई को होगी।
यह मामला 1980 की मतदाता सूची का है। याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी का आरोप है कि सोनिया गाँधी को भारतीय नागरिकता 1983 में मिली, लेकिन उनका नाम 1980 की लिस्ट में ही शामिल था। उन्होंने इसे जालसाजी बताते हुए FIR की माँग की है।
सोनिया गाँधी के पक्ष ने इसे ‘राजनीति से प्रेरित’ और कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया है। वहीं, कोर्ट ने भी सवाल उठाया कि इतने पुराने मामले में अब जाँच किस पर और कैसे होगी? फिलहाल, कोर्ट सभी दलीलों को देखने के बाद ही आगे का फैसला लेगा।

