श्रीलंका की नेगोम्बो जेल में दोबारा भड़की भीषण हिंसा और उपद्रव में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। स्थानीय मीडिया ‘डेली मिरर’ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस खूनी संघर्ष में लगभग 100 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में चार जेल अधिकारी भी शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए नेगोम्बो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की है कि कई मृतकों और घायलों के शरीर पर गोलियों के गहरे निशान हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह ताजा हिंसा सोमवार (6 जुलाई 2026) सुबह जेल के भीतर कैदियों के एक गुट द्वारा किए गए सुनियोजित हमले के बाद शुरू हुई। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने और उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को ओपन फायरिंग यानी गोलियाँ चलानी पड़ीं। इससे पहले शनिवार को भी जेल में अशांति फैली थी, जिस पर जेल अधिकारियों ने अस्थायी रूप से काबू पा लिया था, लेकिन सोमवार को दोबारा हिंसा भड़क उठी।
जेल विभाग के मीडिया प्रवक्ता एसी गजानायके ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा, “इस पूरे घटनाक्रम की विशेष जाँच शुरू कर दी गई है। जेल महानिदेशक के निर्देशों पर एक समर्पित जाँच टीम का गठन किया गया है, जो इस अशांति के कारणों और परिस्थितियों की व्यापक स्तर पर बारीकी से जाँच करेगी।”
इसके अलावा स्थानीय पुलिस भी अपने स्तर पर मामले की अलग से जाँच कर रही है। वहीं दूसरी ओर मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रीलंका के न्याय मंत्री, अटॉर्नी-एट-लॉ हर्षना नानायकारा ने नेगोम्बो जेल में कैदियों के बीच हुई इस हिंसक झड़प पर पूरी विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

