अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि तालिबान की अगुवाई वाली अफगान फौज ने पाकिस्तानी फौज के कई चौकियों पर कब्जा कर लिया है। ये झड़पें खासकर कुनार और हेलमंद प्रांतों में ड्यूरंड रेखा के पास हुईं।
मीडियो रिपोर्ट्स के अनुसार, अफगान रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि तालिबान बलों ने पाकिस्तान सेना की कई चौकियाँ कब्जे में ले ली हैं। बहरामचा जिले के शकीज, बीबी जानी और सालेहान इलाकों में, साथ ही पक्तिया प्रांत के आरयूब जाजी इलाके में भीषण लड़ाई हुई।
ISIS के आतंकी भी ढेर
इसके अलावा कुनार प्रांत के नारी जिले के पास, डूरंड रेखा के पार नूरिस्तान प्रांत के कामदेश जिले में ISIS के ठिकानों पर हमला किया गया। बताया जा रहा है कि ये ठिकाने रेखा के दूसरी ओर पाकिस्तान के नाजिम और जकीमुल्लाह इलाकों में स्थित थे।
इन हमलों में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के कई आतंकवादी मारे गए हैं। अफगानिस्तान का कहना है कि ये ठिकाने पाकिस्तान की सीमा के भीतर पाकिस्तानी फौज की सुरक्षा में चल रहे थे और अफगान तालिबान के खिलाफ गतिविधियों में शामिल थे। वहीं पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि उनकी फौज पूरी ताकत के साथ अफगानिस्तान की बिना उकसावे की गोलीबारी का जवाब दे रही है।
अफगान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्लाह खवारजमी ने कहा कि यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा अफगान हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के जवाब में की गई है। खवारजमी ने चेतावनी देते हुए कहा है “अगर दूसरी तरफ से फिर हमारे हवाई क्षेत्र का उल्लंघन हुआ, तो अफगान सशस्त्र बल पूरी तैयारी के साथ जवाब देंगे।”
इस बीच कतर ने दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है। यह झड़प ऐसे समय हुई है जब कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने कथित तौर पर काबुल के पास एक हवाई हमला किया था।
अफगान फौज की 201 खालिद बिन वलीद कोर ने कहा कि उसी हमले के जवाब में अफगान बलों ने नंगरहार और कुनार में पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाया। हालाँकि इस हवाई हमले की न तो पाकिस्तान ने पुष्टि की है, न ही इनकार।
विश्लेषकों का कहना है कि यह 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से सीमा पर सबसे गंभीर झड़पों में से एक है, जो पाकिस्तान-अफग़ानिस्तान के रिश्तों की नाजुक और तनावपूर्ण स्थिति को दिखाती है।

