तमिलनाडु बिजली बोर्ड पर ₹2.47 लाख करोड़ का भारी कर्ज, फिर भी ‘मुफ्त बिजली’ की सियासत जारी रखेगी विजय सरकार: व्हाइट पेपर में बड़ा खुलासा

तमिलनाडु के बिजली मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने 25 जून को राज्य के बिजली बोर्ड की स्थिति पर एक व्हाइट पेपर (श्वेत पत्र) जारी किया है। इस सरकारी रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य के बिजली क्षेत्र पर 2.47 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का भारी कर्ज है।

इस बड़े कर्ज के बावजूद मंत्री ने साफ किया है कि राज्य में बिजली की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। साथ ही किसानों के लिए चल रही मुफ्त बिजली योजना भी पहले की तरह जारी रहेगी। व्हाइट पेपर के मुताबिक तमिलनाडु के बिजली क्षेत्र पर कुल 2,47,130 करोड़ रुपए का कर्ज हो चुका है।

यह कर्ज तमिलनाडु की सभी सरकारी कंपनियों के कुल कर्ज का करीब 77.6 फीसदी है। इसका मतलब है कि राज्य की सरकारी कंपनियों पर जितना भी कर्ज है, उसका एक बहुत बड़ा हिस्सा अकेले बिजली विभाग पर है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब कुछ ही दिन पहले सरकार ने एक और रिपोर्ट जारी की थी।

उस रिपोर्ट में बताया गया था कि तमिलनाडु राज्य पर कुल कर्ज 13.18 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच गया है। इसके बाद भी सरकार ने आम जनता और किसानों को राहत देते हुए बिजली के दाम न बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है।