कॉन्ग्रेस DMK और साथियों ने ओछी राजनीति और नफरत से महिला आरक्षण बिल को पास नहीं होने दिया: PM मोदी, बोले- बिल पास होता तो बहुत सारी महिलाएँ बनती MP-MLA

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (18 अप्रैल 2026) को तमिलनाडु में एक रैली को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिल विपक्ष की वजह से लोकसभा में पास नहीं हो सका। पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस और डीएमके पर ओछी राजनीति का आरोप लगाया।

पीएम मोदी ने रैली में अपनी पीड़ा और गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “आज अपनों के बीच मैं अपनी पीड़ा और अपना गुस्सा व्यक्त करना चाहता हूँ। 2023 में हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया और इस महीने की 16 तारीख को हम संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के लिए महत्वपूर्ण विधेयक लेकर आए। मैंने सभी पार्टियों से इसका समर्थन करने का अनुरोध किया। लेकिन डीएमके, कॉन्ग्रेस और उनके साथियों ने इसे नफरत और ओछी राजनीति का शिकार बना लिया। अगर ये बिल पारित हो जाता तो तमिलनाडु की बहुत सारी महिलाएँ विधायक और सांसद बन पातीं। लेकिन डीएमके ऐसा नहीं होने देना चाहती।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “डीएमके के कृत्य अब बहुत अच्छे से एक्सपोज हो चुके हैं। जनता डीएमके के काले कारनामे अच्छे से जान चुकी है। झूठ फैलाने से डीएमके के काले कारनामे छिपने वाले नहीं हैं।” उन्होंने तमिलनाडु के लोगों से अपील की कि वे स्पष्ट संदेश दें। पीएम मोदी ने कहा, “तमिलनाडु के लोग एक स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि ‘एनडीए इन, डीएमके आउट’।”

पीएम मोदी ने डीएमके की महिला-विरोधी मानसिकता पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में महिलाएँ अपराधियों से सुरक्षित नहीं हैं। लेकिन अब डीएमके की इस महिला-विरोधी मानसिकता का जवाब निश्चित रूप से दिया जाएगा। डीएमके संसद में भी महिलाओं के साथ खड़ी नहीं होती, लेकिन अब उसकी महिला-विरोधी सोच को चुनौती दी जाएगी।”

गौरतलब है कि लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) को वोटिंग हुई। लेकिन सरकार दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाई। समर्थन में 298 वोट पड़े जबकि विरोध में 230 वोट। इसी वजह से बिल गिर गया। इसके बाद एनडीए की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।