खुद को स्वतंत्र पत्रकार बताने वालीं तनुश्री पांडेय कई सालों बाद फिर चर्चा में हैं। दरअसल उनकी एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘हाथरस 16 नाम’ ओटीटी प्लैटफॉर्म पर रिलीज हो गई है। इसके प्रचार-प्रसार के लिए वो आए दिन लिबरल-वामपंथी गैंग के साथ नजर आ जाती हैं। जहाँ वे प्रेस की स्वतंत्रता का रोना रोती हैं। अब नेटिजन्स उन्हें इस रोने पर लताड़ रहे हैं और उनकी पुरानी वीडियो शेयर कर रहे हैं।
इसी क्रम में तनुश्री पांडेय को कुणाल कामरा के साथ उनके यूट्यूब शो ‘खबर-ए-आजम’ में देखा गया। यहाँ तनुश्री पांडेय ने पत्रकार की स्वतंत्रता और ‘इंडिया टुडे’ के साथ अपनी नौकरी के बारे में बात की। तनुश्री पांडेय ने कहा, “उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया क्योंकि उन्होंने पत्रकारिता की थी, जो मेरा संस्थान नहीं चाहता था दिखाना मैंने वो दिखाया। मेरा कैमरापर्सन मुस्लिम था, वो डर रहा था लेकिन मैं नहीं।” तनुश्री ने क्या कहा, इसे नीचे लिंक किए गए वीडियो के 12:47 से 15:32 मिनट के बीच में सुना जा सकता है।
दो दिन पहले ही तनुश्री पांडेय ने नॉरवे की पत्रकार हेले लिंग के भारत में प्रेस स्वतंत्रता को लेकर की गई टिप्पणी पर भी वीडियो बनाई थी। वीडियो में उन्होंने नॉरवे की पत्रकार को सही ठहराने की कोशिश की। इस वीडियो में तनुश्री ने सरकार पर भी कई बड़े आरोप लगाए हैं।
We don’t need a Norwegian journalist to tell us about press freedom in India. Hear it from an Indian journalist.
— Tanushree Pandey (@TanushreePande) May 20, 2026
Jai Hind 🧿🫡 pic.twitter.com/MGdUCWADTF
ये वही तनुश्री पांडेय हैं, जिन्होंने इंडिया टुडे की रिपोर्टर रहते हुए 2021 में हाथरस की घटना पर रिपोर्टिंग की थी। इसके बाद से ही तनुश्री पांडेय खुद को स्वतंत्र पत्रकार के रूप में दर्जा देने लगी हैं। इस बीच उनकी जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के वामपंथी गैंग के साथ वीडियो भी वायरल हुई थी, जिसका खुलासा ऑपइंडिया ने ही किया था। वीडियो में तनुश्री पांडेय वामपंथी छात्रों को सिखा रही थीं कि कैमरे के सामने किस तरह का जहर उगलन है। अब वह हाथरस की घटना को लेकर एक डॉक्युमेंट्री सामने लेकर आई हैं और प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर आवाज उठाने की नाटक कर रही हैं। यह विडंबना ही है।

