TATP क्या होता है
TATP यानी ट्राईएसिटोन ट्राईपैरोक्साइड एक कैमिकल कम्पोजिशन है,जिसमें एसिटोन, हाइड्रोजन पैरॉक्साइड और एसिड मौजूद होता है।इनमें एसिटोन और हाईड्रोजन पैरोक्साइड हमारे घर में भी इस्तेमाल होता है, इसलिए आसानी से बाजार में उपलब्ध है।
एसिटोन को नेल पॉलिश रिमूवर के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है। वहीं हाईड्रोजन पैरॉक्साइड का इस्तेमाल छोटे मोटे खरोंच, कट और स्किन संक्रमण के लिए इस्तेमाल होता है। ये ब्लीचिंग क्लीनिंग एजेंट भी है।
TATP को ‘Mother of Satan’ यानी शैतान की माँ भी कहा जाता है। ये लिक्विड, पाउडर, क्रिस्टल के रूप में रह सकता है। दुनिया भर में आतंकी इसका इस्तेमाल करते हैं। हालाँकि ये बहुत ही अस्थिर और खतरनाक होता है, क्योंकि थोड़ी ज्यादा गर्मी या घिसने पर जोरदार धमाके के साथ आग निकलती है। इसलिए फिदायीन आतंकी और स्लीपर सेल इसको धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं।
पेरिस, लंदन जैसे विस्फोट में TATP के इस्तेमाल की खबर आई थी। इस विस्फोट के बाद ज्यादा निशान नहीं होता है, इसलिए जाँच में दिक्कत पेश आती है।
अस्थिर होने से जल्दी फट जाता है बम
सेना ने TATP का इस्तेमाल बहुत कम कर दिया है। क्योंकि ये बहुत जल्द फट जाता है। लेकिन आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद इसका इस्तेमाल आतंकी कार्रवाईयों के दौरान करते हैं।
इंडिया टुडे ने विशेषज्ञों से बात कर ये बताया है कि 10 ग्राम टीएटीपी अगर जमीन पर फटता है तो आसपास मौजूद व्यक्तियों की जान ले सकता है। अगर इसमें मेटल जैसे लोहे, तांबे, शीशे के टुकड़े डाल दिया जाए तो इसकी ताकत बहुत बढ़ जाती है। टीएनटी की तुलना में 55 से 70 फीसदी ये ज्यादा ताकतवर होता है। इसे आसानी से जूते, बैग या किसी छोटी जगह पर रखा जा सकता है।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में फॉरेंसिक मेडिसिन डिपार्टमेंट के HOD डॉ. मनोज पाठक के मुताबिक, TATP एक होममेड विस्फोटक है, जो अस्थिर ऑर्गेनिक कंपाउंड है। कई देशों में हमले में इसका इस्तेमाल किया जा चुका है।
TATP को विस्फोट के लिए डेटोनेटर की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि यह हाई इम्पैक्ट, रगड़, बिजली या गर्मी से आसानी से फट जाता है। TATP की छोटी मात्रा में भी भारी नुकसान करने की क्षमता रहती है।

