बिहार के समस्तीपुर में कूड़े में मिलीं VVPAT पर्चियाँ, ARO निलंबित: चुनाव आयोग ने कहा- ‘मॉक पोल की थी पर्चियाँ, मतदान प्रक्रिया पर असर नहीं’

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच समस्तीपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के शीतलपट्टी गाँव के पास हजारों वीवीपैट (VVPAT) पर्चियाँ कूड़े में फेंकी मिलीं, जिससे स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया।

ये वही क्षेत्र है जहाँ गुरुवार (6 नवंबर 2025) को मतदान संपन्न हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार (8 नवंबर 2025) सुबह जब ग्रामीणों ने सड़क किनारे चुनाव चिह्न वाली पर्चियाँ देखीं, तो उन्होंने इसकी सूचना अधिकारियों को दी। सूची मिलते ही तुरंत जिलाधिकारी मौके पर पहुँचे और मामले की जाँच के आदेश दिए हैं।

प्रारंभिक जाँच में यह पाया गया कि ये पर्चियाँ असली मतदान की नहीं बल्कि मॉक पोल (प्रायोगिक मतदान) के दौरान इस्तेमाल की गई थीं। फिर भी, चुनावी सामग्री को लापरवाही से फेंके जाने को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों पर FIR दर्ज करने और ARO को निलंबित करने का निर्देश दिया है।

मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सोशल मीडिया पर सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में पर्चियाँ सड़क पर कैसे और किसके निर्देश पर फेंकी गईं।

मुख्य चुनाव आयुक्त का बयान

इस पर ECI ने बयान जारी करते हुए कहा कि समस्तीपुर के डीएम को तत्काल मौके पर जाकर जाँच करने के निर्देश दिए गए हैं। ECI ने स्पष्ट किया कि क्योंकि यह मॉक पोल की पर्चियाँ थीं इसलिए मतदान की निष्पक्षता पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

गौरतलब है कि बिहार में दो चरणों में चुनाव हो रहे हैं। पहला चरण 6 नवंबर 2025 को पूरा हुआ जबकि दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर 2025 को होगा। मतगणना 14 नवंबर 2025 को निर्धारित है। फिलहाल प्रशासन ने जाँच शुरू कर दी है।