पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार (9 जुलाई 2026) को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) छोड़ चुके पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रे और प्रकाश चिक बराइक औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए।
कोलकाता स्थित भाजपा के साल्ट लेक कार्यालय में पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य की मौजूदगी में तीनों नेताओं का पार्टी में स्वागत किया गया।
अनुभवी नेताओं से पार्टी होगी मजबूत
भाजपा में शामिल होने के दौरान प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं को BJP का झंडा सौंपकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के लंबे राजनीतिक अनुभव का लाभ भाजपा को मिलेगा और पश्चिम बंगाल में पार्टी का संगठन और अधिक मजबूत होगा।
इस्तीफे के बाद नेताओं ने बताई अपनी वजह
सुष्मिता देव ने TMC छोड़ने के बाद कहा था कि उनका फैसला राजनीतिक और व्यक्तिगत दोनों कारणों से लिया गया है। उन्होंने कहा कि वह ‘दो नावों पर सवार’ नहीं रहना चाहतीं और अब उन्हें असम में राजनीतिक रूप से काम करना है।
वहीं, सुखेंदु शेखर रे ने अपने इस्तीफे में TMC की चुनावी हार के लिए सालों की खराब कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सिद्धांतों के आधार पर पार्टी में बने रहना उनके लिए संभव नहीं था, इसलिए उन्होंने 2029 तक का राज्यसभा कार्यकाल छोड़ने का फैसला किया। प्रकाश चिक बराइक ने भी राज्यसभा की सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया था।
इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वीडियो संदेश जारी कर बागी नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो नेता भाजपा के साथ चले गए हैं, जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। उन्होंने नेताओं से “दो नावों पर सवार” न होने और समय रहते अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील भी की।
गौरतलब है कि बंगाल चुनाव में तृणमूल की करारी हार के बाद से ही पार्टी के भीतर संकट पैदा हो गया है। TMC के निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में कई विधायक अलग हो गए हैं।
इसके बाद कुछ सांसदों ने भी बागी गुट का समर्थन किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 20 लोकसभा सांसद बागी खेमे के साथ बताए जा रहे हैं। इस गुट ने संसद में अलग बैठने की माँग भी की है और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के बाद आगे और टूट की अटकलें तेज हो गई हैं।

