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‘मेरी हिंदू बेटी अब मुझे और मेरे बेटे को जान से मारना चाहती है’: पिता ने ऑपइंडिया से बयाँ किया दर्द, कहा- वसीम, इकरा और नेहा खान ने किया बेटी का ब्रेनवॉश; नमाज भी सिखाया

हिंदू युवती का ब्रेनवॉश और धर्मांतरण कोई हवा-हवाई बात नहीं है, बल्कि इसके पुख्ता और रोंगटे खड़े कर देने वाले लिखित और विजुअल सबूत पीड़ित पिता ने ऑपइंडिया को सौंपे हैं। पीड़ित पिता ने ऑपइंडिया की पत्रकार सौम्या सिंह को अपनी बेटी की वो तस्वीरें भेजीं, जिसमें उनकी बेटी ने हिजाब पहना हुआ है।

कल्पना कीजिए कि एक आदमी, जिसकी पत्नी नहीं है और वो माँ-बाप दोनों का फर्ज निभाते हुए अपनी 19 साल की बेटी और 17 साल के बेटे को संभाल रहा है, उसकी बेटी एक दिन ऐसे जिहादियों के संपर्क में आ जाती है, कि वो उसी पिता को जान से मारने के लिए आतुर हो जाती है। उस लड़की का ऐसा ब्रेनवॉश किया जाता है कि वो लोगों से कहती है कि उसके पिता और भाई को जहर दे दिया जाए ताकि वो धर्मांतरण कर ले। वो लड़की जो कभी मन से व्रत रखती थी, भगवान की पूजा करती थी, अब नमाज और हिजाब पहनना सीख रही है।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र के मैनापुर गाँव से ऐसा ही हैरान और परेशान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक ब्राह्मण हिंदू परिवार की 19 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर उसका धर्म परिवर्तन कराने और उसके जरिए पूरे परिवार को खत्म करने की एक गंभीर साजिश का खुलासा हुआ है।

यहाँ वसीम नाम के युवक, उसका परिवार, लड़की को दो सहेलियाँ इकरा खान और नेहा खान ने मिलकर युवती का इस कदर ब्रेनवॉश कर दिया है कि वह अपने ही पिता और भाई की जान लेने पर आमादा हो गई है। जब ऑपइंडिया की पत्रकार सौम्या सिंह ने पीड़ित पिता से बात की, तो उन्होंने अपनी बेटी के बदले व्यवहार, घर में मिले नमाज और हिजाब के सबूतों और परिवार को मिल रही धमकियों को लेकर अपनी गहरी चिंता जताई। उनकी आवाज से साफ समझा जा सकता था कि वे आज कितना बेबस महसूस कर रहे।

मासूमियत का शिकार और षड्यंत्र का जाल: कैसे शुरू हुआ हिंदू युवती का ब्रेनवॉश?

गाजियाबाद के मैनापुर निवासी युवती का परिवार एक सम्मानित हिंदू परिवार है, लेकिन उसके घर में बर्बादी की नींव आज से चार साल पहले पड़ी। पीड़ित पिता ने अत्यंत भावुक होकर बताया कि जब उनकी बेटी केवल 15 वर्ष की थी, तब वसीम उनके घर टाईल्स लगाने आया और लड़की को बरगलाकर इंस्टाग्राम पर बातचीत करनी शुरू कर दी।

खतौली निवासी इस दिहाड़ी मजदूर वसीम ने लड़की को अपनी बातों और झूठे जाल में फँसाना शुरू कर दिया। एक 15 साल की बच्ची, जो मजहबी साजिशों के इस खौफनाक खेल से पूरी तरह अनजान थी, उसे वसीम ने लगातार बरगलाना शुरू किया। इस पूरे घृणित खेल में वसीम अकेला नहीं था।

आरोपित वसीम

उसी गाँव मैनापुर में रहने वाली नेहा खान और उसकी सहेली इकरा के द्वारा लगातार इस प्रेम प्रसंग को बढ़ावा दिया गया। इन दोनों लड़कियों ने हिंदू युवती की अच्छी सहेली बनकर नजदीकी बढ़ाई और लगातार वसीम और युवती के इस तथाकथित प्रेम प्रसंग को हवा दी।

नेहा खान और इकरा ने युवती का ब्रेनवॉश इस स्तर पर किया कि उन्होंने धीरे-धीरे उसके मन से सनातन धर्म के प्रति श्रद्धा को खत्म करना शुरू कर दिया। इन दोनों कट्टरपंथी लड़कियों ने उसे गुपचुप तरीके से नमाज पढ़नी सिखानी शुरू कर दी और उसे धर्मांतरण के लिए बरगलाने लगे।

धीरे-धीरे लड़की को अपने ही धर्म के खिलाफ खड़ा कर दिया गया और उसके धर्मांतरण कराने की साजिश रची जाने लगी।

घर में जहर देने की साजिश और हत्या का खौफ: पीड़ित हिंदू पिता की आपबीती

यह मामला एक लड़की के झूठे प्रेम जाल में फंसने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक पूरे हिंदू परिवार को सामूहिक रूप से समाप्त करने की एक बेहद गंभीर और डरावनी आपराधिक साजिश है। पिता ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय, गाजियाबाद को सौंपे गए अपने लिखित शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से अपनी और अपने बेटे की हत्या की गहरी आशंका जताई है।

पीड़ित पिता का कहना है कि यह जिहादी अब उनकी बेटी को बरगलाकर उनकी और उनके बेटे की हत्या कराने की साजिश में है। पिछले महज 15 दिनों के भीतर युवती दो बार घर छोड़कर भाग चुकी है। उसे 112 नं0 पर फोन करके दो बार पुलिस पकड़ कर लाई। लेकिन घर आने के बाद भी उसकी मानसिक स्थिति और व्यवहार पूरी तरह बदल चुका था।

पिछली बार जब वह घर छोड़कर गई तब से वह अपने ही परिवार में निचली मंजिल पर किराएदारों के साथ रह रही थी। जहाँ इसने उन किराएदारों से अपने पिता एवं अपने भाई को जहर देकर मारने की बात कही। उसने सीधे तौर पर अपने सगे पिता और भाई की हत्या की साजिश की बात स्वीकार की। जब यह बात पिता को पता चली, तो उनके होश उड़ गए।

पिछले 15 दिनों से जब भी उसे समझाने या घर पर रखने का प्रयास किया जाता है, वह हमें लगातार आत्महत्या करने की धमकी दे रही है। वह पूरी तरह से इन दोनों लड़कियों नेहा खान और इकरा के माध्यम से उस जिहादी मजदूर वसीम के संपर्क में बनी हुई है।

पिता का आरोप है कि उनकी बेटी को शायद ड्रग्स दिया जा रहा है, क्योंकि पिछले 9 महीनों से उसका स्वास्थ्य लगातार गिरता जा रहा है और उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है।

हिजाब, नमाज की डायरी और उर्दू लिखे पन्ने: धर्मांतरण का पुख्ता सबूत

हिंदू युवती का ब्रेनवॉश और धर्मांतरण कोई हवा-हवाई बात नहीं है, बल्कि इसके पुख्ता और रोंगटे खड़े कर देने वाले लिखित और विजुअल सबूत पीड़ित पिता ने ऑपइंडिया को सौंपे हैं। पीड़िता पिता ने ऑपइंडिया की पत्रकार सौम्या सिंह को अपनी बेटी की वो तस्वीरें भेजीं, जिसमें उनकी बेटी ने हिजाब पहना हुआ है।

पिता ने बताया कि इकरा और नेहा खान ने उनकी बेटी को हिजाब पहनाया था, वे उसे हिजाब बाँधना और बुर्का पहनना भी सिखाती थीं। उसने घर में हिंदू देवी-देवताओं की पूजा-पाठ करना और व्रत रखना पूरी तरह से बंद कर दिया है, जबकि वह पहले व्रत भी रखती थी, मन से पूजा भी करती थी।

उसकी माँ नहीं है इसलिए वह पिता और छोटे भाई का ध्यान रखते हुए घर के काम भी करती थी। लेकिन अब उसका व्यवहार पूरी तरह बदल गया है। वह सिर्फ वसीम के साथ रहना चाहती है, धर्मांतरण कर इस्लाम अपनाना चाहती है।

पीड़ित पिता द्वारा सौंपा गया युवती की कॉपी का पेज

इसके साथ ही पिता ने बेटी को नोटबुक की तस्वीरें भी भेजीं, जिसमें वसीम, इकरा और नेहा ने नमाज, वजु और इस्लाम के रिवाजों का पालन करने का तरीका लिखा हुआ है। इस डायरी में कुछ चीजें तो हिंदी में लिखी हुई हैं, लेकिन कुछ चीजें उर्दू में भी हैं, जो समझ नहीं आ रहा है।

कट्टरपंथियों ने लिख कर दिए थे वजु करने के तरीके

पीड़िता पिता ने बताया कि यह साजिश कितनी पुरानी और गहरी है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस मामले में उन्होंने एक परिचित मुस्लिम डॉक्टर को कॉपी दिखाई और उसका मतलब पूछा तो उन्होंने कहा कि ये सब किसी को बीमार करवाने की चीजें हैं।

कट्टरपंथियों ने याद करने के लिए लिखा था कब-कब करनी है नमाज

ये बात 2025 की है। उनका कहना है कि इसी दौरान उनका बेटा लंबे समय के लिए बीमार भी पड़ा था, जिसे लेकर वो अस्पताल में थे। उस दौरान भी बेटी भाई को देखने के बहाने घर से निकलती थी लेकिन वो वसीम से मिलने चली जाती थी।

उर्दू में लिखे गए शब्द

लाचार पिता ने बेटी को पुलिस के हवाले छोड़ा

इस खौफनाक और जानलेवा साजिश का खुलासा होने के बाद पीड़ित पिता ने न्याय के लिए हर दरवाजा खटखटाया। पहले एक स्थानीय बीजेपी नेता देहात मंडल अध्यक्ष सचिन ने सहायता की और उन्होंने ही हिंदू संगठनों तक ये बात पहुँचाई। इसके बाद महाकाली वाहिनी ने मदद की और उनके साथ पिता मधुबन बापूधाम थाने गए और SHO से मिले।

लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि इससे अपराधियों के हौसले और बुलंद हो गए और पिछले दो दिन से कुछ मुस्लिम लड़के उनके घर के चक्कर काट रहे हैं। बार-बार बेटी के भाग जाने से परेशान होकर पिता ने फिलहाल बेटी को थाने में छोड़ दिया है, ताकि वो कम से कम जिहादियों से सुरक्षित रहे और पुलिस कार्रवाई करे।

पिता का कहना है कि उन्होंने लिख कर दे दिया है कि वह इस हालत में बेटी को घर लेकर नहीं जाएँगे। वसीम का पूरा परिवार लड़की के ब्रेनवॉश की कोशिश में लगा हुआ है। दूसरी तरफ पिता जब लड़की को समझाने की कोशिश करते हैं तो वह धर्मांतरण करने वसीम के साथ जाने की बातें करती है।

पिता का कहना है कि वसीम, इकरा, नेहा तीनों आपस में मिले हुए हैं और लड़की को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी बेटी की वजह से ही तीनों की आपस में जान-पहचान हुई और बाद में तीनों ने मिलकर ये सब शुरू कर दिया। थाने के SHO ने फोन कर पिता से कहा कि वे आएँ लड़की को वे समझा रहे और वे लेकर जाएँ लेकिन पिता राजी नहीं हैं।

हिंदू संगठनों ने बढ़ाया मदद का हाथ, लगातार संपर्क में है महाकाली वाहिनी

इस पूरे मामले को लेकर महाकाली वाहिनी ने एडिशनल कमिश्नर केशव चौधरी से मिल कर यह मामला उठाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स डॉ उदिता त्यागी ने एक वीडियो बाइट जारी करके पुलिस से तत्काल हस्तक्षेप करके परिवार और बेटी को बचाने की माँग की।

उन्होंने कहा कि इस्लाम के जिहादी अब समाज की हिंदू बेटियों को अपने ही परिवार को जहर देने के लिए तैयार कर रहे हैं ताकि वो परिवार की सारी धन संपत्ति पर कब्जा कर सकें। जिहादी अब मासूम बच्चियों को शिकार बनाकर उनके परिवार के पुरुषों की हत्या की साजिश कर रहे हैं।

उनका कहना है कि यह मामला हर हिंदू परिवार के लिए एक गंभीर चेतावनी है और अब समय आ गया है कि पुलिस प्रशासन बिना किसी देरी के जिहादी वसीम, नेहा खान और इकरा को तुरंत गिरफ्तार करे, ताकि एक बेबस पिता के आँसुओं को न्याय मिल सके और सनातन की एक और बेटी को इस खौफनाक मजहबी दलदल से बाहर निकाला जा सके।

इस संबंध में ऑपइंडिया ने मधुबन बापूधाम थाने के आधिकारिक नंबर पर बात कर मामले से जुड़ी जानकारी ली। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पिता ने कोई लिखित शिकायत अब तक दर्ज नहीं कराई है और उनकी बेटी भी अब घर वापस जाने को तैयार है। हालाँकि जैसा कि हमने इस रिपोर्ट में बताया है कि पीड़ित पिता कार्रवाई हुए बिना बेटी को घर ले जाने के लिए तैयार नहीं है।

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सौम्या सिंह
सौम्या सिंह
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