दिल्ली पुलिस ने युवाओं और कॉलेज के छात्रों को सुरक्षित माहौल देने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। पुलिस की एक मुस्तैद टीम ने राजधानी के मोहन गार्डन इलाके से विदेशी मूल की एक महिला को गिरफ्तार किया है।
इस महिला के पास से भारी मात्रा में नशीली दवा बरामद की गई है। पकड़ी गई नशीली सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 70 लाख रुपए आँकी गई है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब आगे की कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने मारी बाजी
दिल्ली पुलिस को अपने खुफिया तंत्र से एक बहुत ही सटीक जानकारी मिली थी। पुलिस को पता चला था कि मोहन गार्डन इलाके के एक किराये के मकान में रहकर एक विदेशी महिला संदिग्ध गतिविधियों में शामिल है।
इस सूचना को पुलिस के आला अधिकारियों ने बेहद गंभीरता से लिया। इसके बाद पुलिस की एक विशेष टीम तैयार की गई। टीम ने बिना वक्त गंवाए गुरुवार (9 जुलाई) को बताए गए ठिकाने पर पूरी तैयारी के साथ छापेमारी कर दी।
पुलिस की इस छापेमारी में टीम को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। घर की तलाशी के दौरान वहाँ से 117 ग्राम बहुत ही उच्च गुणवत्ता वाली नशीली दवा बरामद हुई। इस दवा को एम्फेटामाइन कहा जाता है।
इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत उस महिला को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बरामद सामान को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया है ताकि उसे अदालत में सबूत के तौर पर पेश किया जा सके।
पूछताछ में सामने आई असली पहचान
थाने लाकर जब पुलिस ने महिला से कड़ाई से पूछताछ की तो उसकी पूरी सच्चाई सामने आ गई। महिला की पहचान युगांडा की रहने वाली 26 साल की जैकलीन नामुलोंडो के रूप में हुई है। दस्तावेजों की जाँच में पता चला है कि वह जुलाई 2025 में बिजनेस वीजा पर भारत आई थी। उसका वीजा सिर्फ 3 महीने के लिए ही वैध था। वीजा खत्म होने के बाद भी वह अवैध रूप से दिल्ली में ही छिपकर रह रही थी।
शुरुआती जाँच में यह बात सामने आई है कि यह महिला दिल्ली के कॉलेज छात्रों और युवाओं को निशाना बना रही थी। वह युवाओं को यह नशीली दवा सप्लाई करने का काम करती थी। दिल्ली पुलिस की इस समय पर हुई कार्रवाई से कई युवाओं का भविष्य खराब होने से बच गया है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि वह छात्रों से कैसे संपर्क करती थी।
पुलिस अब इस पूरे मामले की जड़ तक जाने की कोशिश कर रही है। जांच टीम के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस महिला तक यह नशीली दवा कौन पहुँचाता था। पुलिस उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया खातों और बैंक के लेनदेन की बारीकी से जाँच कर रही है। हालाँकि इस महिला का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। फिर भी पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही दिल्ली में सक्रिय पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो जाएगा।

