रूस का गहरे समुद्र में निगरानी करने वाला जहाज यांतर एक बार फिर ब्रिटिश जल सीमा के पास दिखाई दिया, लेकिन इस बार मामला सामान्य सीमा उल्लंघन से कहीं आगे बढ़ गया।
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली के अनुसार इस जहाज ने पहली बार यूके वायुसेना के विमानों पर शक्तिशाली लेजर बीम का इस्तेमाल किया, जो न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का उल्लंघन है बल्कि उड़ान सुरक्षा के लिए भी सीधा खतरा माना जा रहा है। इस घटना ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव को और तेज कर दिया है।
लेजर बीम है पायलटों के लिए गंभीर खतरा
हीली ने बताया कि जब RAF Poseidon P-8 विमान और रॉयल नेवी का एक फ्रिगेट यांतर की गतिविधियों पर करीब से नजर रख रहे थे, तभी जहाज से एक तीव्र लेजर बीम छोड़ी गई। सैन्य लेजर डेजलर आम तौर पर बेहद शक्तिशाली होते हैं और इनसे पायलट की आँखों पर अचानक इतनी तेज रोशनी पड़ती है कि वह 5 से 30 सेकंड तक लगभग अंधा हो जाता है।
उड़ान का यही समय, खासकर कम ऊँचाई पर, हादसे की स्थिति पैदा कर सकता है। कई मामलों में लेजर की वजह से आँख में चमकदार धब्बे लंबे समय तक रहते हैं, जिससे विमान के इंस्ट्रूमेंट पैनल को पढ़ने, लक्ष्य पहचानने या रात में नेविगेशन करने में भारी कठिनाई होती है।
यदि लेजर की तीव्रता 50 mW से ऊपर हो और सैन्य लेजर अक्सर 500 से 1000 mW तक पहुँचते हैं तो रेटिना में चोट, खून आने या स्थायी नुकसान की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी वजह से हीली ने इसे बहुत खतरनाक करार देते हुए कहा कि किसी भी तरह की कोशिश जो ब्रिटिश सैन्य विमानन को बाधित करे, उसे गंभीर सुरक्षा खतरे के रूप में लिया जाएगा।
समुद्री सीमा पर टकराव: राजनीतिक और सैन्य संदेश
रक्षा मंत्री के अनुसार, यांतर सिर्फ दो हफ्तों में दूसरी बार ब्रिटिश जल सीमा में घुसा, जबकि यह जहाज सामान्य परिस्थितियों में पनडुब्बियों और समुद्री संचार केबलों की जासूसी के लिए ही जाना जाता है। UK के उत्तर में स्कॉटलैंड के पास उसकी मौजूदगी पहले से ही संदेह पैदा कर रही थी, लेकिन लेजर घटना ने वातावरण को और तनावपूर्ण बना दिया।
हीली ने यह भी बताया कि उन्होंने रॉयल नेवी के rules of engagement को बदल दिया है ताकि जहाज का और नजदीक से पीछा किया जा सके। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर यांतर दक्षिण की ओर बढ़ता है तो ब्रिटेन के पास सैन्य विकल्प तैयार हैं, हालांकि वे उन विकल्पों का खुलासा नहीं करेंगे ताकि रूस को कोई अतिरिक्त जानकारी न मिल सके।
उधर, लंदन स्थित रूसी दूतावास ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि रूस की गतिविधियों से यूनाइटेड किंगडम के हितों या सुरक्षा पर कोई खतरा नहीं है। दूतावास ने इसे ब्रिटेन की ओर से लगाए जा रहे ‘अनगिनत और आधारहीन आरोपों’ की श्रृंखला बताया।
दूतावास ने कहा कि रूस को ब्रिटिश अंडरवाटर कम्युनिकेशन ढाँचे में कोई दिलचस्पी नहीं है। रूस का कहना है कि ब्रिटेन ही ऐसे कदम उठा रहा है जो यूरोप में पहले से मौजूद संकट को और गंभीर बना सकते हैं।

