केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों के लिए कई अहम घोषणाएँ की हैं। सरकार का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में उत्पादन को विविध बनाना, उत्पादकता बढ़ाना और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि करना है। बजट में खासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों को ध्यान में रखते हुए नई योजनाओं और अवसरों पर जोर दिया गया है।
किसानों की आय को बढ़ाना📈
— PIB in Chhattisgarh (@PIBRaipur) February 1, 2026
◾️500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास की पहल से मत्स्य पालन क्षेत्र को सुदृढ़ करना
◾️पशुपालन क्षेत्र में उद्यमशीलता विकास से रोजगार अवसर प्रदान करना
◾️कोकोनट प्रोत्साहन योजना उत्पादन को बढ़ाएगी और 1 करोड़ किसानों समेत 3 करोड़ लोगों को सहायता… pic.twitter.com/wK2ub48ybP
उच्च मूल्य वाली फसलों को मिलेगा बढ़ावा
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली फसलों को प्रोत्साहित करेगी। तटीय क्षेत्रों में नारियल, काजू और कोको जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए समर्थन दिया जाएगा। इसके अलावा अखरोट और पाइननट्स जैसे पौष्टिक और लाभकारी नट्स की खेती को भी बढ़ावा देने की योजना है।
इससे किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलने और आय बढ़ने की संभावना है। वहीं कोकोनट प्रोत्साहन योजना उत्पादन को बढ़ाएगी और 1 करोड़ किसानों समेत 3 करोड़ लोगों को सहायता प्रदान करेगी
मत्स्य पालन और ग्रामीण विकास पर भी ध्यान
बजट में मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए भी नई पहल की गई है। सरकार 500 जलाशयों और अन्य संसाधनों को विकसित कर फिशरीज वैल्यू चेन को मजबूत करेगी। इसके तहत स्टार्टअप्स, महिला समूहों और फिश फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन के जरिए बाजार से जोड़ने पर जोर रहेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि बजट का फोकस युवाओं को रोजगार के अवसर देने, कमजोर वर्गों को सहायता उपलब्ध कराने और गरीब, पिछड़े राज्यों तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकास को तेज करने पर रहेगा। इन कदमों से कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

