उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई में दो संदिग्ध आतंकियों हिजबुल्ला अली खान (तुषार चौहान) और समीर खान को गिरफ्तार किया है। जाँच में सामने आया है कि दोनों पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और पाकिस्तानी गैंगस्टर्स के संपर्क में थे और देश के संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे।
ATS के अनुसार, दोनों सोशल मीडिया के जरिए विदेशी हैंडलर्स से जुड़े थे और भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए स्लीपर सेल तैयार करने की दिशा में काम कर रहे थे।
सोशल मीडिया के जरिए आतंकी नेटवर्क से जुड़ाव, टारगेट किलिंग की साजिश
जाँच में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपित इंस्टाग्राम और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स जैसे टेलीग्राम और VOIP कॉल्स के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों के संपर्क में आए थे। तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला ने पूछताछ में बताया कि वह सोशल मीडिया पर धीरे-धीरे कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित हुआ और इस्लाम का पालन करने लगा।
शहजाद भट्टी ने उसे फर्जी अकाउंट के जरिए संपर्क किया, जिसके बाद बातचीत वॉइस और वीडियो कॉल तक पहुँच गई। आरोप है कि तुषार को कुछ लोगों के घरों पर ग्रेनेड फेंकने और उन्हें निशाना बनाकर हत्या करने का टास्क दिया गया था। इसके लिए उसे पहले 50 हजार रुपए और काम पूरा होने पर ढाई लाख रुपए देने का लालच दिया गया था।
साथ ही हथियार मुहैया कराने और दुबई के रास्ते पाकिस्तान बुलाने का भरोसा भी दिया गया था। वहीं समीर खान को ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ (TTH) से जोड़कर दीवारों पर संगठन के नाम लिखने और नए लोगों को नेटवर्क से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी। दोनों ने मिलकर संभावित टारगेट्स की रेकी भी शुरू कर दी थी।
हथियार बरामद, कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज
ATS ने आरोपितों के पास से एक पिस्टल, 32 बोर के पाँच जिंदा कारतूस, एक चाकू और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। डिजिटल साक्ष्यों की जाँच में यह पुष्टि हुई है कि दोनों देश विरोधी गतिविधियों में सक्रिय थे और विदेशी नेटवर्क के निर्देश पर काम कर रहे थे।
दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। ATS ने दोनों को नोएडा से गिरफ्तार कर लखनऊ में केस दर्ज किया है और अब उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जाँच आगे बढ़ाई जा रही है।

