उत्तर प्रदेश की योगी सरकार स्कूली शिक्षा पर हर साल 80 हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है। मौजूदी योगी सरकार में शिक्षा का स्तर कितना बेहतर हुआ है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 60 लाख नए बच्चों का दाखिला हुआ है और स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की दर 19 प्रतिशत से घटकर 3 प्रतिशत रह गई है। खासकर ‘स्कूल चलो अभियान’ से हर बच्चे तक शिक्षा पहुँचाई जा रही है।
यह प्रदेश में हर बच्चों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रयासों को दर्शाता है। सरकार शिक्षा क्षेत्र में प्राथमिकता से निवेश कर रही है। सरकार ने 1.36 लाख विद्यालयों का कायाकल्प किया है। हर ब्लॉक में कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय खोले गए हैं, जिन्हें अब कक्षा 12वीं तक संचालित करने की मंजूरी मिल गई है। इतना ही नहीं 3 से 6 साल के बच्चों के लिए हर आँगनबाड़ी केंद्र में ‘बाल वाटिका’ कक्षाएँ शुरू की जा रही हैं।
साल 2017 के बाद शिक्षा व्यवस्था में सुधार आया है। यह बात सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी कही। 04 अप्रैल 2026 को वाराणसी में ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने साल 2017 से पहले शिक्षा व्यवस्था पर भी बात की।
Varanasi, Uttar Pradesh: Chief Minister Yogi Adityanath says, "We cannot achieve this alone. Remember, the goal is to bring social and economic equality and to implement social justice in its true sense at the grassroots level. We need to educate everyone. Thanks to the vision of… pic.twitter.com/TD3tjuRyF5
— IANS (@ians_india) April 4, 2026
2017 से पहले प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था के हालात
सीएम योगी आदित्यनाथ ने साल 2017 से पहले शिक्षा व्यवस्था की हालत पर कहा कि साल 2017 से पहले प्रदेश के परिषदीय विद्यालय जर्जर स्थिति में थे, जहाँ न तो मूलभूत सुविधाएँ थीं और न ही बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि दिखाई देती थी। उन्होंने कहा कि इसी वजह से कई विद्यालय बंद होने की कगार पर थे और नामांकन लगातार घट रहा था।
मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक समय ऐसा था जब किसी विद्यालय में 10 से भी कम छात्र रह गए थे, लेकिन सरकार के प्रयासों और शिक्षकों की मेहनत से वही विद्यालय आज 250 से अधिक छात्रों के साथ प्रगति का उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति को संस्कारित कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का सशक्त साधन है।

