अमेरिकी सेना ने ईरान में 27 मई 2026 को रात भर हमले किए। इस दौरान एक मिलिट्री साइट को निशाना बनाया गया और चार ईरानी ड्रोन को मार गिराया गया। अमेरिकी सेना के अधिकारी के मुताबिक, ये ड्रोन होर्मुज स्ट्रेट के आसपास खतरा पैदा कर रहे थे।
अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि जिस मिलिट्री साइट पर हमला हुआ, वह ईरान के बंदर अब्बास में एक ईरानी ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन था। यहाँ से पाँचवाँ ड्रोन लॉन्च होने वाला था।
सीजफायर और शांतिवार्ता के बीच अमेरिकी सेना ने तीन दिन के भीतर दूसरी बार हमला किया है। करीब तीन महीने पहले 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमला किया था। ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों की आवाजाही रोक दी, जिससे दुनिया भर में एनर्जी की कीमतें तेजी से बढ़ गई।
अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, छोटी-सी कार्रवाई सोच-समझकर की गई है। इनका मकसद सीजफायर को बनाए रखना है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (27 मई 2026) को ईरान की सरकारी मीडिया की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि ईरान और ओमान एक शांति समझौते के तहत मिलकर होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों की आवाजाही को मैनेज करेंगे। ट्रंप ने कहा कि पानी का रास्ता खुला रहेगा।

