‘अल्लाहू अकबर’ चिल्लाकर ISIS आतंकी ने US यूनिवर्सिटी में की गोलीबारी, सैन्य ट्रेनिंग ले रहे छात्रों ने पलटवार में मार डाला: हमलावर समेत 2 की मौत, 2 घायल

अमेरिका में वर्जीनिया की ओल्ड डोमिनियन यूनिवर्सिटी (ODU) के बिजनेस स्कूल बिल्डिंग में गुरुवार (12 मार्च 2026) को एक भयानक गोलीबारी हुई। हमलावर मोहम्मद बैलोर जल्लोह ने क्लासरूम में दाखिल होते ही ‘अल्लाहू अकबर’ चिल्लाया और फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में 1 व्यक्ति की मौत हो गई, तो 2 लोग घायल हो गए। वहीं छात्रों ने हमलावर आतंकी को मार गिराया।

एफबीआई ने पुष्टि की कि यह 36 वर्षीय पूर्व आर्मी नेशनल गार्ड सदस्य था, जिसने 2016 में ISIS को मदद करने का दोषी करार दिया था। उसकी रिहाई जल्दी हो गई थी और वह सर्विलांस के साथ रिहाई पर था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनिवर्सिटी में ROTC (Reserve Officers Training Corps) छात्रों की क्लास चल रही थी। ये छात्र मिलिट्री में कमीशन्ड ऑफिसर बनने की ट्रेनिंग ले रहे थे। स्कॉलरशिप के साथ कॉलेज पढ़ते हुए वे अमेरिकी सेना के अधिकारी बनने की तैयारी कर रहे थे। जब जल्लोह ने फायरिंग की तो छात्रों ने बिना हिचकिचाए हमलावर का सामना किया। उन्होंने जल्लोह को दबोच लिया और एक छात्र ने उसे चाकू मारकर ढेर कर दिया।

एफबीआई स्पेशल एजेंट इन चार्ज डॉमिनिक इवांस ने कहा, “छात्रों ने बेहद बहादुरी और साहस दिखाया। उन्होंने आगे के नुकसान को रोका।” उन्होंने यह भी बताया कि जल्लोह को गोली नहीं लगी थी। उसे छात्रों ने आत्मरक्षा में चाकुओं से गोद दिया।

इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसकी पहचान लेफ्टिनेंट कर्नल ब्रैंडन शाह के रूप में हुई। वे ODU के ROTC इंस्ट्रक्टर थे। वर्जीनिया गवर्नर एबिगेल स्पैनबर्गर ने उन्हें देशभक्त बताया और कहा कि “वे सिर्फ देश की सेवा नहीं करते थे, बल्कि दूसरों को भी इस राह पर ले जाते थे।” दो अन्य छात्र घायल हुए और अस्पताल में भर्ती हैं। दोनों आर्मी ROTC के सदस्य थे।

एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह घटना आतंकवाद के रूप में जाँच की जा रही है। जल्लोह 2009 के फोर्ट हूड हमले जैसा आतंकवादी हमला करना चाहता था। वह सिएरा लियोन से नेचुरलाइज्ड अमेरिकी नागरिक था। 2009 से 2015 तक वर्जीनिया नेशनल गार्ड में स्पेशलिस्ट के रूप में सेवा की और सम्मानजनक तरीके से डिस्चार्ज हुआ। बाद में रेडिकल क्लेरिक अनवर अल-अवलाकी के लेक्चर सुनकर उसने गार्ड छोड़ दिया।

ओल्ड डोमिनियन यूनिवर्सिटी पुलिस चीफ गैरेट शेल्टन ने बताया कि कॉल आने के 10 मिनट के अंदर ही रिस्पॉन्डर्स ने हमलावर को मृत पाया। वे अभी भी मौत का सही कारण पता कर रहे हैं।

हमलावर आतंकी मोहम्मद बैलोर जल्लोह की बहन फत्मातु जल्लोह ने कहा, “मुझे कुछ नहीं पता। मैं दो दिन पहले ही उसे देखा था।” उसके वकील अशरफ नुबानी ने बयान दिया, “मैंने हाल में उससे संपर्क नहीं किया। किसी भी निर्दोष की मौत दुखद है और हिंसा इस्लामिक शिक्षाओं के खिलाफ है।”