अमेरिका के मिनियापोलिस में एक इमिग्रेशन एजेंट (ICE) द्वारा चलाई गई गोली से एक महिला की मौत के बाद कोहराम मच गया है। जहाँ एक तरफ वीडियो वायरल होने के बाद बवाल मचा है, वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अपने एजेंटों का बचाव किया है और विरोधियों को आड़े हाथों लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिनियापोलिस शहर में अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एक एजेंट की गोलीबारी में 37 वर्षीय रेनी निकोल गुड की मौत हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि एजेंट महिला की कार पर गोलियाँ चला रहे हैं।
Renee Nicole Good was shot and killed by an ICE agent who she allegedly tried to ram with her car during a chaotic protest in a Minneapolis neighborhood, just one mile away from where George Floyd was choked to death by a police officer in 2020. pic.twitter.com/p1WRZJuCw6
— Sapiensdad (@jlmedinav) January 8, 2026
गोली लगने के बाद कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसके बाद एजेंट कार के पास पहुँचा और फिर पीछे हटकर साथियों से इमरजेंसी नंबर 911 पर कॉल करने को कहा।
ट्रंप का आक्रामक बचाव और ‘उपद्रवी’ वाला वार
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना पर चुप्पी तोड़ते हुए ‘ट्रुथ सोशल’ पर जमकर भड़ास निकाली। ट्रंप ने साफ शब्दों में ICE एजेंटों का बचाव किया और मृतका रेनी गुड को एक ‘पेशेवर उपद्रवी’ करार दिया। ट्रंप की टोन से साफ था कि वे कानून लागू करने वाली एजेंसियों के खिलाफ उठने वाली आवाजों को वामपंथी प्रोपेगेंडा मानते हैं। ट्रंप ने संकेत दिया कि अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ही एकमात्र रास्ता है।
मेयर और परिवार का पलटवार
दूसरी तरफ, मिनियापोलिस के मेयर जैकब फ्रे ने ट्रंप प्रशासन के दावों को ‘सफेद झूठ’ करार दिया है। मेयर का कहना है कि वीडियो साफ दिखाता है कि आत्मरक्षा में गोली चलाने का सरकारी दावा गलत है। वहीं, मृतका की माँ ने अपनी बेटी का बचाव करते हुए कहा कि रेनी एक दयालु महिला थी और वह कभी भी किसी एजेंट से भिड़ने या हमला करने वाली इंसान नहीं थी।
घटना के वीडियो ने इस विवाद को और हवा दे दी है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। जहाँ स्थानीय प्रशासन इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बता रहा है, वहीं ट्रंप और उनके समर्थक इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक जरूरी कदम मान रहे हैं।

