उत्तर प्रदेश ATS ने मंगलवार (30 सितंबर 2025) को केरल के मल्लपुरम जिले से मोहम्मद रजा को गिरफ्तार किया। यह मोहम्मद रजा हिंदू धर्मगुरुओं की टारगेट किलिंग के लिए साजिश रच रहा था। मोहम्मद रजा का नेटवर्क युवाओं को जिहाद के लिए उकसाने और हथियार के बल पर शरिया कानून लागू करने की दिशा में काम कर रहा था।
मोहम्मद रजा पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने और हिंसक जिहाद के जरिए लोकतांत्रिक सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप है। मोहम्मद रजा अपने बैंक खातों में हत्या की साजिश के लिए फंडिंग करा रहा था। अब ATS बाकी आरोपितों की तलाश कर रही है।
इससे पहले ATS ने सोमवार (29 सितंबर 2025) को चार कट्टरपंथियों (अकमल रजा, सफील सलमानी, तौसीफ और कासिम अली) को गिरफ्तार किया था, जिनसे पूछताछ में कई अहम जानकारी सामने आई।
गिरफ्तारी और साजिश का खुलासा
ATS को इस आतंकी नेटवर्क के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। सोमवार (29 सितंबर 2025) को पकड़े गए चार आरोपितों से पूछताछ में पता चला कि साजिश को अंजाम देने के लिए पैसे मोहम्मद रजा के खातों में जमा किए जा रहे थे। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए ATS की टीम केरल के मल्लपुरम पहुँची और रजा को गिरफ्तार कर लिया।

शुरुआती जाँच में मोहम्मद रजा के दो खातों में फंडिंग की जानकारी मिली है। ATS उसके अन्य खातों और संगठन के बारे में भी पता लगा रही है जिससे वह प्रभावित था। मोहम्मद रजा के अलावा गिरफ्तार किए गए अन्य चारों आरोपितों के साथ रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
मास्टरमाइंड की भूमिका और इरादे
जाँच में सामने आया है कि मोहम्मद रजा इस साजिश के व्हाट्सएप कोर ग्रुप का मुखिया था। वह ग्रुप के बाकी सदस्यों को दिशा-निर्देश देता था। मोहम्मद रजा उन्हें अधिक से अधिक पैसा जमा करने और हथियार खरीदने को कहता था।
मोहम्मद रजा का मुख्य उद्देश्य देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को ध्वस्त कर शरिया कानून लागू कराना था। वह मस्लिमों पर हो रहे जुल्मों का प्रोपेगेंडा फैलाकर ‘काफिरों के खिलाफ जंग-ए-जिहाद’ के लिए लोगों को तैयार कर रहा था। इसके लिए वह ‘मुजाहिदीन आर्मी‘ संगठन बना रहा था। मोहम्मद रजा कट्टरपंथी पाकिस्तानी संगठनों से प्रभावित था।
फंडिंग और टारगेट किलिंग की योजना
गिरोह का मुख्य निशाना हिंदू धार्मिक नेता थे। टारगेट किलिंग की योजना को अंजाम देने के लिए मोहम्मद रजा ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी युवाओं को अपने साथ जोड़ा था।
कोर ग्रुप के सदस्य हर महीने चंदा के रूप में रकम इकट्ठा करते थे। यह रकम सरगना मोहम्मद रजा के खातों में जमा की जाती थी। इस पैसे का इस्तेमाल हथियार खरीदने और अन्य आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जाना था। ATS यह भी पता लगा रही है कि टारगेट किलिंग के लिए और किन-किन खातों में पैसा जमा कराया जा रहा था।
प्रचार-प्रसार और आगे की कार्रवाई
मोहम्मद रजा व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल एप जैसे माध्यमों से कट्टरपंथियों को जोड़ता था। वह विभिन्न ग्रुपों पर भड़काऊ ऑडियो और वीडियो भेजकर युवाओं को जिहाद के लिए उकसाता था। इसके बाद इनमें से कुछ खास युवकों को चुनकर टारगेट किलिंग कराने की योजना थी।
ATS ने पहले पकड़े गए चारों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब ATS इन सभी पाँचों आरोपितों को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि उनसे नेटवर्क के बारे में और पूछताछ की जा सके और गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों की तलाश की जा सके।

