उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य को तकनीक, डिजिटल ढांचे और खेती के मामले में नंबर-1 बनाने की बड़ी तैयारी कर रही है। बुधवार (20 मई 2026) को मुख्यमंत्री आवास पर हुई एक अहम समीक्षा बैठक में CM योगी ने ‘यूपी डेटा सेंटर क्लस्टर‘, ‘प्रोजेक्ट गंगा’, गेहूँ प्रोसेसिंग और मंडी सुधार जैसी बड़ी योजनाओं को हरी झंडी दी।
सरकार का मुख्य मकसद उत्तर प्रदेश को अगले 50 सालों के लिए आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन सभी योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारने के सख्त निर्देश दिए हैं।
UP बनेगा दुनिया का डिजिटल केंद्र
उत्तर प्रदेश में डेटा सेंटर क्लस्टर परियोजना शुरू होने जा रही है। यह परियोजना राज्य के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन की मजबूत नींव बनेगी। खास बात यह है कि यह सिर्फ दिल्ली-NCR तक सीमित नहीं रहेगी।
इसका विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश में किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य यूपी को भारत का सबसे बड़ा AI कंप्यूट पावर सेंटर बनाना है। इसके साथ ही राज्य को ग्लोबल साउथ का प्रमुख डिजिटल हब बनाने की भी तैयारी है।
लाखों नौकरियाँ और बड़ा आर्थिक लक्ष्य
इस योजना के जरिए UP को क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का वैश्विक केंद्र बनाया जाएगा। सरकार इस पहल से 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का सपना पूरा करेगी। इससे राज्य में करीब 1.5 लाख से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिलेंगे।
साल 2040 तक राज्य में 5 गीगावाट का AI कंप्यूट कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक प्रोजेक्ट नहीं है बल्कि अगले 50 सालों का आर्थिक ब्लूप्रिंट है।
बुंदेलखंड में AI सेंटर और लखनऊ बनेगी ‘AI City’
बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) क्षेत्र में बहुत जमीन खाली पड़ी है। इसलिए मुख्यमंत्री ने इस बड़े प्रोजेक्ट को बुंदेलखंड से ही शुरू करने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही लखनऊ को पूरी तरह ‘AI City’ के रूप में चमकाया जाएगा। इसके लिए टाटा समूह जैसी बड़ी कंपनियों से बातचीत शुरू कर दी गई है। इससे राज्य में नई तकनीक और भारी विदेशी निवेश का रास्ता साफ होगा।
इंटरनेट की मिलेगी सुपरफास्ट रफ्तार
अधिकारियों का दावा है कि उत्तर प्रदेश एशिया का सबसे सुरक्षित और कनेक्टेड क्षेत्र बन सकता है। भारत के लगभग सभी मुख्य फाइबर नेटवर्क यूपी से होकर गुजरते हैं। राज्य के भीतर इंटरनेट का रिस्पॉन्स टाइम 5 मिलीसेकेंड से भी कम है।
मुंबई और चेन्नई जैसे दूर के डिजिटल केंद्रों तक भी यह कनेक्टिविटी 5 से 12 मिलीसेकेंड के बीच रहती है। कम लागत और बेहतर नेटवर्क के कारण वैश्विक टेक कंपनियाँ यूपी की तरफ खिंची चली आएँगी।
‘प्रोजेक्ट गंगा’ से चमकेगी गाँवों की किस्मत
सरकार ‘प्रोजेक्ट गंगा‘ के जरिए उत्तर प्रदेश के गाँवों तक High-Speed इंटरनेट पहुँचाएगी। इस योजना का मकसद सिर्फ इंटरनेट देना नहीं है। गाँवों में इसके जरिए ऑनलाइन इलाज और डिजिटल शिक्षा की सुविधा मिलेगी।
युवाओं को हुनर सिखाया जाएगा और ई-गवर्नेंस सेवाएँ घर-घर पहुँचेंगी। इसके तहत 10 हजार से अधिक युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर बनाया जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों में कुल डेढ़ लाख से अधिक रोजगार के मौके पैदा होंगे।
गेहूँ प्रोसेसिंग से बढ़ेगा राज्य का मुनाफा
उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे ज्यादा गेहूँ पैदा करने वाला राज्य है। साल 2025-26 में यूपी में 372 लाख मीट्रिक टन गेहूँ उत्पादन का अनुमान है। राज्य के लगभग 2.88 करोड़ किसान गेहूँ की खेती से सीधे जुड़े हैं।
हालाँकि अभी बहुत सा गेहूँ बिना प्रोसेसिंग के ही कच्चे रूप में बाहर भेज दिया जाता है। राज्य की बड़ी आटा मिलें अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पा रही हैं। यूपी में प्रोसेसिंग बढ़ने से नए रोजगार पैदा होंगे और टैक्स कलेक्शन में भी बड़ा फायदा होगा।
मंडी नियमों में छूट और मजबूत स्टोरेज
किसानों और व्यापारियों को फायदा पहुँचाने के लिए मंडी व्यवस्था में बड़े सुधार किए जा रहे हैं। बैठक में सुझाव दिया गया कि राज्य में प्रोसेसिंग के लिए खरीदे गए गेहूँ पर मंडी शुल्क न लिया जाए।
इसके साथ ही विकास सेस में भी पूरी छूट देने की बात कही गई है। बदलते मौसम और एल नीनो के खतरे को देखते हुए अनाज को सुरक्षित रखने की खास तैयारी है। सरकार अब अनाज के मजबूत भंडारण और खाद्य सुरक्षा पर सबसे ज्यादा ध्यान दे रही है।

