‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ पहल के तहत भारत ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रेल मंत्रालय ने वाराणसी स्थित बनारस लोकोमोटिव वर्क्स में निर्मित 10 डीजल लोकोमोटिव मोजाम्बिक को निर्यात कर दिए हैं।
Make in India, Make for the World 🚆🌍
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) April 20, 2026
With the final batch of two 3,300 HP locomotives manufactured at Banaras Locomotive Works (BLW) reaching Maputo, Indian Railways completes the supply of a total of 10 locomotives to Mozambique—showcasing India’s strength in global rail… pic.twitter.com/kp0WRNn4JL
सोमवार (20 अप्रैल 2026) को मंत्रालय ने जानकारी दी कि इस ऑर्डर की आखिरी खेप के रूप में दो लोकोमोटिव मोजाम्बिक के मापुटो पोर्ट पर पहुँचा दिए गए हैं, जिसके साथ ही पूरा निर्यात ऑर्डर सफलतापूर्वक पूरा हो गया। रेल मंत्रालय के अनुसार, प्रत्येक 3300 हॉर्सपावर (HP) का यह लोकोमोटिव भारी माल ढुलाई और यात्री सेवाओं के लिए डिजाइन किया गया है।
ये इंजन भारत की आधुनिक रेल निर्माण क्षमता और तकनीकी मजबूती को दर्शाते हैं। इस सफल निर्यात के जरिए भारत ने एक भरोसेमंद रेलवे उपकरण सप्लायर के रूप में अपनी पहचान और मजबूत की है। अफ्रीकी देश अब भारत के लिए एक अहम बाजार के रूप में उभर रहे हैं।
बीते कुछ वर्षों में भारत ने अफ्रीका के कई देशों में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे दोनों पक्षों के बीच आर्थिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
बनारस लोकोमोटिव वर्क्स देश की प्रमुख लोकोमोटिव निर्माण इकाइयों में से एक है, जहाँ डीजल और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के इंजन बनाए जाते हैं। यह इकाई नेपाल, बांग्लादेश, वियतनाम, तंजानिया समेत कई देशों को नियमित रूप से लोकोमोटिव का निर्यात करती रही है।

