बच्चों को पढ़ाएँगे, नौकरी लगवाएँगे, खूब मिलेगा पैसा: आगरा के जगदीशपुरा में लालच दे-देकर हो रहा था हिंदुओं के धर्मांतरण का प्रयास, ईसाई दंपती समेत 8 गिरफ्तार

आगरा के थाना जगदीशपुरा क्षेत्र की आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-7 से धर्मांतरण का मामला सामने आया है। घटना रविवार (23 नवंबर 2025) की सुबह लगभग 11 बजे की है। बताया जा रहा है कि वहाँ एक मकान में हिंदुओं के धर्मांतरण के प्रयास किए जा रहे थे। जब इसकी सूचना विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता को मिली तो वो बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर वहाँ पहुँचे। घर की पहली मंजिल पर प्रार्थना चल रही थी और तलाशी लेने पर धार्मिक किताबें भी रखी मिलीं।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने वहाँ मौजूद लोगों पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। हंगामें के बाद तुरंत पुलिस फोर्स और एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह भी मौके पर पहुँच गए। पुलिस ने घर में रह रहे एक किश्चियन दंपती समेत कुल आठ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।

रविवार को होने वाली सभाओं में प्रलोभन के आरोप

बजरंग दल पदाधिकारियों के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली थी कि सेक्टर-4 पुलिस चौकी के पास विश्वनाथ सिंह चौहान के मकान में हर रविवार धर्म सभा का आयोजन किया जाता है। बताया गया कि लोगों को लालच देकर सभा में बुलाया जाता है और कहा जाता है कि बच्चों को मिशनरी स्कूलों में प्रवेश दिला दिया जाएगा, नौकरी मिल जाएगी और हर महीने आर्थिक मदद भी दी जाएगी।

कार्यकर्ताओं के अनुसार क्षेत्र में कुछ समय से घर-घर जाकर भी ईसाई धर्म की ओर आकर्षित करने की कोशिश की जा रही थी और यदि कोई व्यक्ति तैयार न हो तो अलग-अलग तरीकों से दबाव डाला जाता था। इसी शिकायत पर हिंदू संगठनों ने कार्रवाई की माँग की।

पुलिस की प्राथमिक जाँच और आगे की कार्रवाई

एसीपी गौरव सिंह ने बताया कि दंपती पिछले दो साल से मकान में किराए पर रह रहे हैं। वहीं कुछ लोग उसने मिलने भी आते थे। पूछताछ में चार लोग आवास विकास के ही निवासी पाए गए, जिनमें दो हिंदू और दो दंपती के रिश्तेदार बताए गए।

शिकायतकर्ता से तहरीर प्राप्त होने पर आगे की जाँच के बाद विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि घर में अक्सर बड़ी संख्या में लोग प्रार्थना के बहाने इकट्ठा होते रहे हैं, इसलिए पूरे मामले की गहराई से जाँच जरूरी है।

आगरा में पहले भी सामने आए धर्मांतरण के मामले

आगरा में इससे पहले भी धर्म परिवर्तन के कई मामले पुलिस की निगरानी में आ चुके हैं। मार्च में सदर की दो बहनें लापता हो गई थीं जिन्हें जुलाई में कोलकाता के तपसिया क्षेत्र से मुक्त कराया गया। उनका धर्म परिवर्तन मुस्लिम धर्म में कराया गया था।

इस प्रकरण में पुलिस ने दिल्ली, गोवा सहित कई राज्यों से जुड़े 14 लोगों को पकड़ा था, जिनका नेटवर्क पाकिस्तान तक फैला होने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा केदार नगर में भी ईसाई धर्म सभा के दौरान प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने का मामला उजागर हुआ था और शाहगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।