लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने कबूला पाकिस्तानी फौज से नजदीकी रिश्ता, भारत के आरोपों को किया साबित: आतंकिस्तान की दोहरी नीति की बेनकाब

पाकिस्तान में आतंकवाद को लेकर भारत जो आरोप वर्षों से लगाता रहा है, उन्हें अब खुद लश्कर-ए-तैयबा के एक बड़े आतंकी ने सार्वजनिक मंच से सही ठहरा दिया है। ग्लोबल टैररिस्ट हाफिज सईद के करीबी और लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह खुले तौर पर पाकिस्तानी फौज से अपने रिश्तों को स्वीकार करता नजर आ रहा है। यह वही कसूरी है, जिस पर पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड होने का आरोप है।

स्कूल के मंच से कबूलनामा

सामने आए वीडियो में सैफुल्लाह कसूरी पाकिस्तान के एक स्कूल कार्यक्रम में बच्चों और स्थानीय लोगों को संबोधित करता दिख रहा है। उसने दावा किया कि पाकिस्तानी फौज नियमित रूप से उसे अपने कार्यक्रमों में बुलाती है।

इतना ही नहीं, कसूरी ने यह भी कहा कि उसे पाकिस्तानी फौज के जनाजे में नमाज पढ़ाने के लिए न्योता भेजा जाता है। यह बयान पाकिस्तान सरकार के उन दावों के बिल्कुल उलट है, जिनमें वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंक के खिलाफ कार्रवाई की बात करता रहा है।

भारत के खिलाफ जहर, फौज की सरपरस्ती का दावा

अपने भाषण में कसूरी ने भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी भी की। उसने कहा कि भारत उसकी मौजूदगी से डरता है और भारतीय एजेंसियाँ उससे घबराई हुई हैं। उसने खुलेआम यह स्वीकार किया कि पाकिस्तानी फौज उसका सम्मान करती है और उसे बुलावा भेजती है। यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि पाकिस्तान में आतंकी संगठनों और फौज के बीच गहरे रिश्ते हैं।

यह पहला मौका नहीं है जब सैफुल्लाह कसूरी और पाकिस्तानी फौज के रिश्तों पर सवाल उठे हों। इससे पहले दिसंबर में साउथ वजीरिस्तान से एक वीडियो सामने आया था, जिसमें कसूरी एक पाकिस्तानी फौजी के जनाजे में नमाज पढ़ता दिखा था।

उसी दौरान उसका एक लंबा वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह लश्कर की बड़ी सभा को संबोधित कर रहा था। ये तमाम घटनाएँ इस्लामाबाद के उन दावों की पोल खोलती हैं, जिनमें आतंकियों पर कार्रवाई की बात कही जाती है।

ऑपरेशन सिंदूर और कसूरी की बौखलाहट

कसूरी इससे पहले भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर भी बयान दे चुका है। उसने कहा था कि भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर बड़ी गलती की है। दरअसल, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष हिंदुओं की हत्या के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया था।

इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के परिवार के सदस्य भी शामिल थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच कई दिनों तक सैन्य तनाव रहा और आखिरकार पाकिस्तान को सीजफायर की अपील करनी पड़ी।