पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में नवनिर्वाचित बीजेपी विधायक दल को संबोधित किया। इस अवसर पर शाह ने राज्य में पहली बार पूर्ण बहुमत की बीजेपी सरकार बनने पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे वैचारिक जीत करार दिया। बैठक में सर्वसम्मति से शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया, जो शनिवार (9 मई 2026) को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत भावनात्मक शब्दों में की। उन्होंने कहा, “आज बीजेपी का इतना बड़ा विधायक दल देखकर मन, आत्मा और शरीर सभी के भीतर खुशी की लहर दौड़ रही है।” शाह ने सभी नवनिर्वाचित विधायकों को बधाई देते हुए ‘राम राम’ कहा और विश्वास जताया कि बंगाल की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताकर जो प्रचंड जनादेश दिया है, वह राज्य की तस्वीर बदल देगा।
रवीन्द्रनाथ टैगोर की पंक्तियों का स्मरण करते हुए शाह ने कहा, “आज वह सपना सच होता दिखाई दे रहा है जिसमें मन भयमुक्त हो और सिर गर्व से ऊँचा हो।” उन्होंने जोर देकर कहा कि अब बंगाल में नकारात्मक राजनीति का अंत हो चुका है और जनता ने परिवर्तन का स्पष्ट संकेत देते हुए विकास का रास्ता प्रशस्त कर दिया है।
बंगाल में बीजेपी सरकार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि
शाह ने पार्टी के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा, “आज बंगाल की धरती पर बीजेपी की सरकार बनना डॉ. मुखर्जी के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। जिस राष्ट्रवाद की नींव उन्होंने रखी थी, आज उनकी जन्मभूमि पर उसी विचारधारा की सरकार बनना एक ऐतिहासिक क्षण है।” उन्होंने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल में जीत के साथ अब वह कमी भी पूरी हो गई है।
जीत के आँकड़ों पर संतोष जताते हुए गृह मंत्री ने बताया कि बंगाल में बीजेपी की लहर इतनी प्रचंड थी कि विधायकों की जीत का औसत 28 हजार वोट रहा है। उन्होंने भवानीपुर सीट का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि शुभेंदु अधिकारी ने ‘दीदी के घर में जाकर’ उन्हें हराया है, जो जनता के बड़े संदेश को दर्शाता है।
इस संघर्षपूर्ण यात्रा का जिक्र करते हुए शाह भावुक भी हुए। उन्होंने कहा, “यह यात्रा आसान नहीं थी। बीजेपी के 321 कार्यकर्ताओं ने इस जीत के लिए अपनी जान दी है। मैंने देशभर में राजनीति देखी है, लेकिन बंगाल जैसी हिंसा कहीं नहीं देखी।” उन्होंने शहीद कार्यकर्ताओं के परिवारों को नमन करते हुए कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
असम के बाद अब बंगाल में घुसपैठ को बनाएँगे असंभव
सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे पर शाह ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “जिस तरह हमने असम में घुसपैठ को पूरी तरह थाम दिया है, अब बंगाल में भी वही होगा। यहाँ अवैध घुसपैठ को पूरी तरह असंभव बना दिया जाएगा।” उन्होंने बंगाल को फिर से रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानन्द और श्री अरबिंदो की कल्पना वाला प्रदेश बनाने का वादा किया।
शपथ ग्रहण समारोह शनिवार (9 मई 2026) को रवींद्र जयंती के अवसर पर कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित होगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई राज्यों के मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे।
अपने संबोधन के आखिर में अमित शाह ने कार्यकर्ताओं से विनम्रता की अपील की। उन्होंने कहा, “सरकार बनने के बाद किसी भी तरह की हिंसा या प्रतिशोध की राजनीति नहीं होनी चाहिए। जनता ने हमें सेवा का अवसर दिया है और हमें पूरी निष्ठा के साथ उनके वादों को पूरा करना है।”

