डबल हुई सुरक्षा, गायब हुए उपद्रवी: BJP शासन में बंगाल की फाल्टा सीट पर शांति से हो रही री-पोलिंग, TMC राज में कमल बटन पर चिपकी मिली थी ‘टेप’

पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर गुरुवार (21 मई 2026) को री-पोलिंग की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और शांति के साथ जारी है। TMC के दौरान कभी हिंसा और चुनावी धांधली के लिए चर्चित रही इस सीट पर आज नजारा बदला हुआ दिख रहा है।

जहाँ पिछले महीने (29 अप्रैल) मतदान के दौरान आगजनी, हिंसा और BJP के चुनाव चिंह पर ‘टेप’ चिपकाए जाने जैसी शर्मनाक घटनाएँ सामने आई थीं, वहीं आज केंद्र की सक्रियता और सख्त सुरक्षा के बीच उत्सव जैसा माहौल देखा जा रहा है।

फाल्टा सीट पर मतदान सुबह 7 बजे से होना शुरु हो गया था। शुरुआती दो घंटों तक 20.47% वोटिंग हो चुकी है। हर बूथ पर दो वेब कैमरा और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है। BJP से देवांग्शु पांडा मुख्य मुकाबले में हैं।

285 बूथों पर कड़ा पहरा, गायब हुए उपद्रवी

चुनाव आयोग ने फाल्टा विधानसभा के सभी 285 मतदान केंद्रों पर दोबारा वोटिंग का आदेश दिया था। इस बार सुरक्षा के इंतजाम पहले से दोगुने हैं। पिछले मतदान में जहाँ प्रति बूथ 4 जवान थे, आज हर बूथ पर 8 केंद्रीय सुरक्षाकर्मी (पूरी सेक्शन) तैनात हैं।

शांति सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की 35 कंपनियाँ और 30 क्विक रिस्पॉन्स टीमें (QRT) चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही हैं। हर बूथ के अंदर और बाहर वेबकास्टिंग के साथ ड्रोन कैमरों से संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम कसी गई है।

BJP समर्थकों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन की सख्ती के कारण इस बार वे बिना डरे घर से बाहर निकल रहे हैं। एक बुजुर्ग मतदाता ने भावुक होते हुए कहा, “15 साल पहले हमें बूथ तक आने नहीं दिया जाता था, लेकिन आज BJP के दौर में हम अपनी मर्जी से वोट डाल रहे हैं। कोई डर नहीं है।”

BJP की सकारात्मक लहर और TMC का ‘सरेंडर’

इस चुनाव का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब मतदान से ठीक पहले TMC उम्मीदवार जहाँगीर खान ने मैदान छोड़ने का ऐलान कर दिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि BJP उम्मीदवार देवांग्शु पांडा के बढ़ते प्रभाव और धांधली की गुंजाइश खत्म होने के डर से TMC ने पहले ही हार स्वीकार कर ली है।

BJP उम्मीदवार देवांग्शु पांडा ने सुबह मतदान केंद्र का जायजा लेने के बाद कहा, “आज लोकतंत्र की जीत हो रही है। पहले EVM पर टेप चिपकाकर हमारे मतदाताओं को भ्रमित किया गया था, लेकिन अब सुरक्षा घेरे में जनता खुलकर कमल के साथ खड़ी है। कोई हिंसा नहीं, कोई तोड़फोड़ नहीं, यही सुशासन है।”