पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और पुरुलिया में रामनवमी के पावन पर्व पर हिंदुओं पर हमला हुआ। शुक्रवार (27 मार्च 2026) शाम रामनवमी शोभायात्राओं के दौरान उपद्रवियों ने जमकर पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी की, जिससे कई लोग घायल हो गए।
हालात को काबू में करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। DIG अजीत सिंह यादव ने बताया कि कई दंगाइयों को हिरासत में लिया जा चुका है।
निशाने पर हिंदू शोभायात्रा
मुर्शिदाबाद के जंगीपुर में शोभायात्रा जैसे ही मैकेंजी पार्क से निकलकर फुलतला मोड़ पहुँची, उपद्रवियों ने ईंट और पत्थरों से हमला बोल दिया। आरोप है कि यह हमला सुनियोजित था और शोभायात्रा के आगे बढ़ने पर दोबारा पत्थर फेंके गए। ठीक ऐसी ही हिंसक तस्वीरें पुरुलिया के पारा इलाके से भी सामने आईं, जहाँ शांतिपूर्वक निकल रही रैली को दंगाइयों ने निशाना बनाया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के दावों के मुताबिक, उपद्रवियों ने पवित्र भगवा ध्वज को अपमानजनक तरीके से नीचे खींचकर फेंक दिया। हिंदुओं का कहना है कि यह न केवल धर्म का अपमान है, बल्कि सनातनियों की भावनाओं पर सीधा आघात है। सड़कों पर मची इस अफरा-तफरी के बीच लोगों को अपनी जान बचाकर भागना पड़ा।
পশ্চিমবঙ্গে পবিত্র রাম নবমীর দিনে সনাতনীদের পবিত্র গৈরিক ধ্বজ উত্তোলন কি অপরাধ?
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) March 27, 2026
মুর্শিদাবাদের জঙ্গীপুরে ফুলতলা মোড়ে সনাতনীদের দ্বারা উত্তোলিত গৈরিক ধ্বজকে অবজ্ঞার সঙ্গে নামিয়ে এইভাবে ছুঁড়ে ফেলা পবিত্র গৈরিক ধ্বজের অপমান, সনাতন ধর্মের অপমান ও সনাতনীদের ভাবাবেগে সরাসরি আঘাত… pic.twitter.com/mYLVxynL8c
तुष्टीकरण पर तीखे सवाल
बीजेपी ने इस हिंसा के लिए ममता सरकार की तुष्टीकरण की राजनीति को जिम्मेदार ठहराया है। शुभेंदु अधिकारी ने पूछा कि क्या अपने ही राज्य में भगवा ध्वज फहराना अपराध है? फिलहाल, मुर्शिदाबाद और पुरुलिया में सुरक्षा एजेंसियाँ चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही हैं ताकि कोई और अनहोनी न हो।

