किसी को छत से फेंका, किसी पर बरसाए लात-घूँसे… बंगाल में बदला माहौल तो TMC नेताओं के खिलाफ फूटा पब्लिक का गुस्सा: Video भी आए सामने

4 मई को पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सरकार के सत्ता से बाहर होने के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। पिछले 15 वर्षों से TMC नेताओं और उनके समर्थकों पर आम लोगों को डराने-धमकाने, उत्पीड़न और हिंसा के आरोप लगते रहे थे। अब 2026 विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद कई जगहों पर जनता का गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है।

सोशल मीडिया पर सामने आए कई वीडियो में आम लोग TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं की पिटाई करते दिखाई दे रहे हैं। शांतिनिकेतन में TMC प्रवक्ता जमशेद अली को लोगों ने बीच सड़क पर घेर लिया। वीडियो में उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूँसों से पीटते हुए देखा गया।

वहीं, मंगलवार (5 मई 2026) को हावड़ा में TMC नेता श्यामल मित्रा की भी लोगों ने पिटाई कर दी। वीडियो में कुछ लोग उन्हें थप्पड़ मारते और चेहरे पर मुक्के मारते दिखाई दिए।

सुधानिधि बंदोपाध्याय के ट्वीट का स्क्रीनग्रैब

बीजपुर में भी TMC उम्मीदवार सुबोध अधिकारी के समर्थकों को स्थानीय लोगों ने निशाना बनाया। उन पर चुनाव बाद हिंसा में शामिल होने के आरोप लगाए गए थे।

सुधानिधि बंदोपाध्याय के ट्वीट का स्क्रीनग्रैब

पश्चिम मेदिनीपुर जिले के नारायणगढ़ में गुस्साए लोगों ने TMC नेता रंजीत बोस के पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की। इस दौरान वहाँ खड़ी एक कार के शीशे भी तोड़ दिए गए।

एक अन्य वीडियो में कुछ लोग एक TMC नेता को इमारत की पहली मंजिल से नीचे फेंकते हुए भी दिखाई दिए।

ट्वीट का स्क्रीनग्रैब

इन घटनाओं के बाद साफ है कि चुनाव नतीजों के बाद कई इलाकों में TMC नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ता नजर आ रहा है।