पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के दौरान एक गंभीर घटना सामने आई है। शनिवार (3 जनवरी 2026) को हुगली जिले के डांकुनी शहर के वार्ड नंबर 2 में एक महिला बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) पर जूतों से हमला किया गया। महिला BLO ने इलाके में एक बांग्लादेशी नागरिक होने का खुलासा किया था। पीड़िता की पहचान बिमली टुडू हंसदा के रूप में हुई है। वह एक जनजातीय महिला हैं और SIR अभियान के तहत मतदाता सूची की जाँच का काम कर रही थीं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिमली टुडू हंसदा ने जब अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इलाके में मौजूद एक अवैध वोटर के बारे में जानकारी दी, तो इसके बाद उन पर हमला किया गया। आरोपित की पहचान अब्दुल रहीम गाजी के रूप में हुई है।
पीड़िता ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा, “वह बांग्लादेश का नागरिक है। मैंने इसकी जानकारी अपने अधिकारियों को दी थी। इसके बाद अब्दुल और उसके परिवार ने मुझ पर हमला कर दिया। उसने मुझे जूते से मारा। उसकी पत्नी मेरे घर आकर हंगामा करने लगी। मैंने पुलिस को इसकी सूचना दे दी है।”
बिमली ने यह भी बताया कि आरोपित का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं था। वह अपना नाम गलत तरीके से दर्ज करवाने की कोशिश कर रहा था। इसके लिए उसने बर्धमान जिले के एक शख्स को अपना अभिभावक बताकर पेश करने की कोशिश की थी।
इस पूरे मामले में पीड़िता के साथ खड़े होने के बजाय सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) ने BLO के काम करने के तरीके और उनके अधिकारों पर ही सवाल खड़े कर दिए।
स्थानीय TMC पार्षद शेख अशरफ हुसैन ने आरोप लगाया कि BLO अपने साथ 10 महिलाओं को लेकर अब्दुल रहीम गाजी के घर गई थीं और उन्होंने उसका कॉलर पकड़कर उस पर दबाव बनाया। उनका दावा है कि इसी घटना से आरोपी भड़क गया और इसके बाद उसने आदिवासी महिला BLO पर हमला कर दिया। फिलहाल पीड़िता ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दे दी है।

