पश्चिम बंगाल में सत्ता से बाहर होते ही ममता बनर्जी की पार्टी TMC बिखरने लगी है। बुधवार (10 जून) को ममता की बेहद करीबी राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सुखेंदु शेखर के बाद इस्तीफा देने वाली वह दूसरी बड़ी नेता हैं।
इस्तीफे के बाद सांसद सुष्मिता देव ने असम CM हिमंता बिस्वा से मुलाकात की है। इससे पहले TMC के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसदों ने बागी रुख अपनाया था और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर संसद में अलग बैठने की व्यवस्था माँगी थी। यह गुट बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन दे सकता है।
पार्टी के अंदर मचे इस घमासान से ममता बनर्जी अब बिल्कुल अकेली पड़ती जा रही हैं। इससे पहले TMC के विधायक दल भी दोफाड़ हो चुका है। बागी गुट का नेतृत्व कर रही सांसद काकोली घोष के साथ फिलहाल 14 सांसदों के नाम साफ हो चुके हैं।
इनमें शताब्दी रॉय, सुपरस्टार देव (दीपक अधिकारी) और जून मालिया जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं। सुष्मिता देव के इस्तीफे की असली वजह अभी सामने नहीं आई है, लेकिन इसे TMC के लिए बहुत बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

