उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में पुलिस ने शनिवार (8 नवंबर 2025) को 32 वर्षीय महिला प्रमिला को गिरफ्तार किया। उस पर आरोप है कि उसने एक दलित मजदूर को पैसे और अन्य लालच देकर ईसाई धर्मांतरण कराने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि वह अपने गाँव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने का काम करती थी।
यह मामला राजगढ़ थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता ध्रुव चंद्र ने बताया कि प्रमिला पिछले कुछ महीनों से उससे बार-बार मिलती थी और धर्म परिवर्तन का दबाव डालती थी। प्रमिला का घर चंदनपुर गाँव में है, जो ध्रुव चंद्र के घर से करीब 7 किलोमीटर दूर है।
पुलिस ने प्रमिला के खिलाफ उत्तर प्रदेश अवैध धर्मांतरण निषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी दयाशंकर ओझा ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद प्रमिला को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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— Mirzapur Police (@mirzapurpolice) November 9, 2025
सात साल पहले खुद बनी ईसाई, फिर करने लगी प्रचार
पुलिस ने महिला के पास से धर्म परिवर्तन से जुड़ी एक वीडियो और मजहबी किताबें बरामद की हैं। जाँच में पता चला है कि प्रमिला ने करीब 7 वर्ष पहले स्वयं ईसाई धर्म अपना लिया था। उस समय वह बीमार थी और मायके सलखन गई थी, जहाँ चर्च जाने के बाद उसने धर्म परिवर्तन किया।
थाना प्रभारी दयाशंकर ओझा ने बताया कि ईसाई मजहब अपनाने के बाद प्रमिला को कुछ धनराशि दी गई थी और उसे प्रचार में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया था। वह अपने गाँव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को धन का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने का काम करती थी।
पुलिस का कहना है कि प्रमिला की इन गतिविधियों को लेकर उसके पति ने भी कई बार आपत्ति जताई थी, जिससे घर में कलह की स्थिति बनती रहती थी। उन्होंने बताया कि पूछताछ में प्रमिला ने तीन अन्य लोगों के नाम भी बताए हैं जो उसके साथ इस गतिविधि में शामिल थे। उनकी तलाश की जा रही है।

