UP CM योगी आदित्यनाथ के 54वें जन्मदिन पर वाराणसी में कटा 54 किलो का लड्डू केक और हुई विशेष आरती: PM मोदी, राजनाथ सिंह, मायावती ने दी बधाई

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार (5 जून 2026) को अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास मौके पर पूरे प्रदेश में उत्सव का माहौल है और उनके समर्थक अलग-अलग अंदाज में उनकी लंबी उम्र की कामना कर रहे हैं। वाराणसी के 51 फीट ऊंचे वरद आंजनेय हनुमान मंदिर में समर्थकों ने विशेष अनुष्ठान किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री के जीवन के 54 साल पूरे होने के प्रतीक के रूप में 54 किलो का विशेष लड्डू केक काटा गया और हनुमान जी को प्रिय 54 पौधे भी चढ़ाए गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएँ। राज्य की प्रगति और विकास की दिशा में उनका कार्य अत्यंत उल्लेखनीय है। उन्होंने हमेशा लोगों के जीवन स्तर को सुधारने (Quality of Life) और राज्य के चहुँमुखी विकास (All-round Growth) पर अपना ध्यान केंद्रित किया है। मैं उनके दीर्घायु होने और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूँ।”

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपनी शुभकामनाएं संदेश में साझा कीं। उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय एवं कर्मठ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सुशासन, सुरक्षा, विकास एवं जनकल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। उनके दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप आज उत्तर प्रदेश प्रगति और समृद्धि के पथ पर तेज गति से अग्रसर है।”

इस अवसर पर बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती की बधाई ने भी सबका ध्यान खींचा, जिसे राजनीतिक सौहार्द के रूप में देखा जा रहा है। मायावती ने पोस्ट किया, “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री व भाजपा के सीनियर नेता योगी आदित्यनाथ को आज उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं उनके स्वस्थ्य जीवन व दीर्घायु होने की भी शुभकामनाएँ।”

प्रदेश के अन्य हिस्सों जैसे संभल के सुदर्शन चक्र अखाड़ा ट्रस्ट में हनुमान चालीसा का पाठ और यज्ञ किया गया, जबकि प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट पर माँ गंगा की विशेष आरती के साथ ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। लखनऊ के दारुलशफा में भी सुंदरकांड पाठ, महायज्ञ और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें भारी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।