उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश सरकार के मुताबिक वर्ष 2017 से अब तक गन्ना किसानों को 3.21 लाख करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक गन्ना मूल्य भुगतान करने वाला राज्य बन गया है।
सरकार का दावा है कि पारदर्शी व्यवस्था, डिजिटल तकनीक और समयबद्ध भुगतान की नीति ने प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों को आर्थिक मजबूती दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गन्ना एवं चीनी उद्योग अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार बनकर उभरा है।
गन्ना मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोतरी, किसानों को मिला सीधा लाभ
प्रदेश सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपए प्रति कुंतल की बढ़ोतरी कर बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य 400 रुपए प्रति कुंतल और सामान्य प्रजाति का मूल्य 390 रुपए प्रति कुंतल तय किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों को करीब 3000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त लाभ मिला है। योगी सरकार के कार्यकाल में यह चौथी बार है जब गन्ना मूल्य में वृद्धि की गई है। सरकार ने ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली के जरिए गन्ना सर्वे, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्ची जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है।
किसानों को अब गन्ना पर्ची सीधे मोबाइल पर मिल रही है और भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भेजा जा रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका लगभग खत्म हो गई है। प्रदेश के करीब 48 लाख गन्ना किसान परिवारों को इसका सीधा फायदा मिला है।
गन्ना उत्पादन और चीनी उद्योग में यूपी बना देश का अग्रणी राज्य
उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन के क्षेत्र में भी देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 29.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती की गई। प्रदेश में इस समय कुल 121 चीनी मिलें संचालित हैं, जिनमें राज्य चीनी निगम की 3, सहकारी क्षेत्र की 23 और निजी क्षेत्र की 95 चीनी मिलें शामिल हैं।
इन चीनी मिलों ने 877.93 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89.68 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है। सरकार के अनुसार पिछले पेराई सत्र में उत्तर प्रदेश का औसत चीनी परता 10.21 प्रतिशत रहा, जबकि महाराष्ट्र का चीनी परता 9.49 प्रतिशत दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट है कि उत्पादन क्षमता और चीनी रिकवरी दोनों मामलों में उत्तर प्रदेश ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

