Homeराजनीतिगुलाम नबी के लिए कॉन्ग्रेस से 'आज़ाद' होंगे 5000 कार्यकर्ता, पहले ही हो चुके...

गुलाम नबी के लिए कॉन्ग्रेस से ‘आज़ाद’ होंगे 5000 कार्यकर्ता, पहले ही हो चुके हैं 100+ इस्तीफे: कश्मीर में खात्मे की ओर पार्टी

कुल मिलाकर अब तक कॉन्ग्रेस से 100 कार्यकर्ता इस्तीफा देकर गुलाम नबी आजाद का समर्थन कर चुके हैं। 5000 और इस्तीफों से कश्मीर में पार्टी लगभग टूट जाएगी।

गुलाम नबी आजाद के कॉन्ग्रेस छोड़ते ही यह कहा जा रहा था कि जम्मू कश्मीर में पार्टी का कमजोर होना तय है। गुलाम नबी आजाद को पार्टी छोड़े अभी एक सप्ताह भी नहीं हुआ है। लेकिन, जिस तरह से एक के बाद एक कई कार्यकर्ता कॉन्ग्रेस छोड़कर उनके समर्थन में आ रहे हैं, इससे उनका सियासी दबदबा सामने आ रहा है।

हालाँकि, कॉन्ग्रेस से ‘आजाद’ हुए गुलाम नबी पार्टी को एक और झटका देने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि गुरुवार (1 सितंबर, 2022) को कॉन्ग्रेस के 5000 कार्यकर्ता पार्टी छोड़कर गुलाम नबी आजाद को समर्थन देंगे। यही नहीं, आम आदमी पार्टी के 50 से अधिक नेताओं ने भी इस्तीफा देते हुए आजाद को समर्थन देने का ऐलान किया है।

गौरतलब है कि गुलाम नबी आजाद ने शुक्रवार (26 अगस्त, 2022) को कॉन्ग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने इस्तीफा देते हुए कहा था, “मैं भारी मन से यह कदम उठा रहा हूँ। पार्टी को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से पहले ‘कांग्रेस जोड़ो यात्रा’ निकालनी चाहिए थी।” आजाद ने कहा था “कांग्रेस लड़ने की अपनी इच्छाशक्ति और क्षमता खो चुकी है।”

हालाँकि, गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद कॉन्ग्रेस के कई नेताओं ने अपने बयानों से यह साबित करने की कोशिश की थी कि उनके इस्तीफे से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लेकिन, जिस तरह से आज जम्मू कश्मीर में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता उनके समर्थन में आ चुके हैं, उससे उनकी ताकत का पता चल रहा है। साथ ही, गुरुवार को 5000 कार्यकर्ताओं का कॉन्ग्रेस से इस्तीफा देना कॉन्ग्रेस के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।

बताया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस के ये सभी 5000 कार्यकर्ता उरी में होने वाले एक कार्यक्रम में सामूहिक रूप से इस्तीफा देते हुए गुलाम नबी का समर्थन करेंगे। इससे पहले बुधवार (31 अगस्त) को 42 और मंगलवार (30 अगस्त) को पूर्व उप-मुख्यमंत्री ताराचंद समेत 64 लोगों ने कॉन्ग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। कुल मिलाकर अब तक कॉन्ग्रेस से 100 कार्यकर्ता इस्तीफा देकर गुलाम नबी आजाद का समर्थन कर चुके हैं।

बता दें, गुलाम नबी आजाद ने कॉन्ग्रेस से इस्तीफा देकर नई पार्टी बनाने का ऐलान किया था। लेकिन, वह पार्टी का गठन कब करेंगे और उनकी पार्टी का नाम क्या होगा, इस बारे में अब तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -