Tuesday, July 27, 2021
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AAP प्रोपेगेंडा ट्रोल ध्रुव राठी ने अडानी के बारे में फैलाया झूठ, मानहानि के डर से डिलीट किया ट्वीट

अडानी समूह ने राठी के झूठ को बेनकाब करने के लिए ट्विटर का ही सहारा लिया। कल रात एक ट्वीट में, अडानी ग्रुप ने तथ्यात्मक रूप से गलत ट्वीट पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें कंपनी के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण और गलत दावे किए गए थे।

आम आदमी पार्टी के प्रोपेगेंडा ट्रोल ध्रुव राठी को एक फिर से फेक न्यूज़ फैलाते हुए और अडानी समूह के बारे में झूठा दावा करते हुए पकड़ा गया। कल (मार्च 21, 2019), राठी ने छत्तीसगढ़ में एक जंगल की एक तस्वीर को ट्वीट करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में सबसे अधिक घने जंगल के 1,70,000 हेक्टेयर जमीन को अडानी को बेच दिया।

हालाँकि, अडानी समूह ने राठी के झूठ को बेनकाब करने के लिए ट्विटर का ही सहारा लिया। कल रात एक ट्वीट में, अडानी ग्रुप ने तथ्यात्मक रूप से गलत ट्वीट पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें कंपनी के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण और गलत दावे किए गए थे। उन्होंने कहा, “हमने जमीन का निर्दिष्ट हिस्सा का अधिग्रहण नहीं किया है और न ही सरकार ने हमें इसे बेचा है। हमारी छत्तीसगढ़ में कोई खान नहीं है।” फिर क्या था, कानूनी कार्रवाई से घबराए राठी ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।

यह पहली बार नहीं है जब AAP और उनके प्रोपेगेंडा फैलाने वाले समर्थकों ने अडानी के खिलाफ अपने झूठे दावों के कारण अपने ट्वीट को हटाने के लिए मजबूर हुए हों। पिछले महीने पुलवामा हमलों के मद्देनजर, दिल्ली के शिक्षा मंत्री, मनीष सिसोदिया ने एक गलत दावा किया था कि अडानी समूह पाकिस्तान को बिजली की आपूर्ति कर रहा है। और जब अडानी समूह ने उनके झूठ का पर्दाफाश किया तो सिसोदिया ने ट्वीट को बिना किसी स्पष्टीकरण या फेक न्यूज़ फैलाने के लिए माफी माँगने के, चुपचाप डिलीट कर दिया।

वैसे फेक न्यूज़ फैलाने के मामले में राठी का भी ट्रैक रिकॉर्ड बहुत पुराना है। पिछले साल अक्टूबर में, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और भाजपा स्वयंसेवक विकास पांडे द्वारा राठी पर 15 लाख रुपए का मानहानि का मुकदमा दायर किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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