Sunday, August 1, 2021
Homeराजनीतिअयोध्या में उसी स्थान पर भव्य राम मंदिर तुरंत बनना चाहिए : अमित शाह

अयोध्या में उसी स्थान पर भव्य राम मंदिर तुरंत बनना चाहिए : अमित शाह

" महागठबंधन देश भर में कहीं भी अस्तित्व में नहीं है. महागठबंधन एक प्रकार की भ्रान्ति है, क्योंकि ये सारे रीजनल लीडर है। 2014 में उन सभी के खिलाफ लड़े और जीते भी थे।"

अंग्रेजी समाचार चैनल रिपब्लिक टीवी द्वारा आयोजित “रिपब्लिक समिट- सर्जिंग इंडिया” में बोलते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कई सवालों के बेबाक जवाब दिए। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा की हार से लेकर 2019 आम चुनावों के मुद्दों पर भी अपनी बात रखी। ज्ञात हो कि इसी समिट में बोलते हुए कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी सरकार की साढ़े चार साल की उपलब्धियां गिनाई थी और कहा था कि क्या चार साल पहले किसी ने सोचा था कि भारत इतनी जल्दी पांच ट्रिलियन डॉलर वाले अर्थव्यवस्थाओं के क्लब में शामिल होने की तरफ अपना कदम बढ़ा देगा। इस समिट को रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अम्बानी और प्रसिद्ध क्रिकेटर गौतम गंभीर सहित कई क्षेत्रों के दिग्गज लोग संबोधित करेंगे।

इस दौरान हाल ही में हुए पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा को मिली हार से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि राज्यों के चुनाव अलग मुद्दों पर लड़े जाते हैं और लोक सभा के चुनाव अलग मुद्दों पर। 2019 का चुनाव 2014 से पहले और बाद का भारत के मुद्दे पर होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्यों के चुनाव अलग मुद्दों पर लड़े जाते हैं और लोक सभा के चुनाव अलग मुद्दों पर। उन्होंने देश में भाजपा की मजबूत स्थिति का दावा करते हुए कहा कि 2014 में भाजपा की 6 राज्यों में सरकार थी, अब हमारी 16 राज्यों में सरकार है, तो मुझे बताएं कि 2019 में कौन जीतेंगे।

वहीं विधानसभा चुनावों में भाजपा कि हार पर चल रहे मीडिया विश्लेषणों पर उन्होंने कहा कि वह विश्लेषण के खिलाफ नहीं हैं लेकिन चुनाव विभिन्न मुद्दों पर लड़े गए हैं और जमीन पर मुद्दे अलग हैं। लोगों की भाजपा से नाराजगी वाले सवाल पर उन्होंने साफ़ किया कि नरेंद्र मोदी सरकार लोगों को अच्छा लगे ऐसे फैसला नहीं लेती बल्कि लोगों का अच्छा हो ऐसे फैसला लेती हैं।

“चुनाव हमारे लिए सिर्फ सरकार बनाने का जरिया नहीं है. हम चुनाव को लोक संपर्क का एक जरिया समझते है।”

-अमित शाह, अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी

वहीं भाजपा के खिलाफ विपक्ष के महागठबंधन के अस्तित्व को नकारते हुए अमित शाह ने कहा कि महागठबंधन देश भर में कहीं भी अस्तित्व में नहीं है. महागठबंधन एक प्रकार की भ्रान्ति है, क्योंकि ये सारे रीजनल लीडर है। उन्होंने महागठबंधन के अजेय होने के दावों को ख़ारिज करते हुए कहा कि हम 2014 में उन सभी के खिलाफ लड़े और जीते भी थे।

“हमारे साथ 31 पार्टियां हैं, 6 पार्टियों और हमारे साथ आई हैं. हमने पूर्वोत्तर में कई छोटी पार्टियों के साथ गठजोड़ किया है और हमने परिणाम भी देखें हैं।”

-अमित शाह, भाजपाध्यक्ष

राम मंदिर पर सवालों के जवाब देते हुए भाजपाध्यक्ष ने कहा कि राम मंदिर तुरंत बनना चाहिए। शिवसेना और भाजपा में चल रही खटपट की ख़बरों पर बोलते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि शिवसेना 2019 के चुनावों में भी भाजपा के साथ रहेगी। उन्होंने कहा कि राजग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2019 चुनावों में उतरेगी। शाह ने आगे कहा; “हम परिवारवाद , तुष्टिकरण और जातिवाद को देश से खत्म करने में काफी सफल रहे।”

वहीं सबरीमाला विवाद पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा;

“सबरीमाला मुद्दा लिंग भेदभाव के बारे में नहीं है, यह एक विश्वास के बारे में है. ऐसे कई मुद्दे हैं जहां न्यायिक समीक्षा संभव नहीं है, इसे लोगों को छोड़ दिया जाना चाहिए।”

तीन तलाक पर उन्होंने कहा;

“तीन तलाक एक एक सोशल रिफार्म का मुद्दा है, मुस्लिम महिलाओं को अपने क़ानूनी अधिकार दिलाने का मुद्दा है. तीन तलाक मुद्दे पर हम दृढ़ता के साथ आगे बढ़ेंगे।”

साथ ही मध्य प्रदेश की नवगठित कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों की कर्ज माफ़ी वाले फैसले पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस को ये घोषणा करनी चाहिए कि कितने किसानों का कर्जमाफ हुआ है और कितने रुपयों का कर्ज माफ़ किया गया है। उन्होंने कहा कि इस कर्ज-माफ़ी के फैसले में कई पेंच है और अगर कांग्रेस ने आंकड़ों को साफ़ नहीं किया तो भाजपा जल्द ही इस पर आंकड़े जारी करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों के ऊपर जितना कर्ज है उसका बहुत कम हिस्सा माफ़ किया गया है।

इसके साथ ही 1984 के सिख दंगों पर बयान देते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ के खिलाफ भी संजय सूरी चश्मदीद गवाह रहे हैं और उनके खुलासों को लोगों ने देखा है। बकौल शाह उन सभी लोगों के खिलाफ जाँच होई चाहिए जो उस दंगे में शामिल थे और उन्हें सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 1984 सिख दंगों के मामले में SIT जांच कर रही हैं और सही अंजाम तक कारवाई पहुंचेगी।

“एक कौड़ी का भी भ्रष्टाचार राफेल डील में नहीं हुआ।”

– भाजपाध्यक्ष अमित शाह

राफेल मामले पर पत्रकार अर्णब गोस्वामी के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा और सवाल दागा कि अगर राफेल मामले में अगर कांग्रेस के पास सबूत थे तो वह सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं गए?

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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